नई दिल्ली।। बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने अपनी ही पार्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वरुण गांधी ने कंट्रोलर ऐंड ऑडिटर जनरल (कैग) की रिपोर्ट में मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के जिक्र होने पर बीजेपी की चुप्पी पर आपत्ति जताई। कैग की यह रिपोर्ट केजी बेसिन गैस पर है।
वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए पूछा, ‘ कैग ने रिलायंस को दोषी बताया है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट टर्म्स का साफ उल्लंघन हुआ है। सरकार और विपक्ष, दोनों इस मुद्दे पर चुप हैं। मैं हैरान हूं कि ऐसा क्यों है?! ’
वरुण ने इसका भी जिक्र किया कि कैग ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी एजेंसियों को किस कदर झाड़ लगी। वरुण ने कहा, ‘ पहला, कॉन्ट्रैक्ट्स में कॉम्पिटिशन को खत्म कर दिया गया। दूसरा, अनुचित दरों पर कॉन्ट्रैक्ट्स दिए गए। तीसरा, सरकार को बिना बताए तेल और गैस की खोज पर खुद ही नोटिफाई कर लेना। ’
वरुण गांधी इस वक्त करप्शन के खिलाफ काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वरुण अन्ना हजारे के आंदोलन में शामिल होने के लिए रामलीला मैदान भी गए थे और उनका जन लोकपाल बिल लोकसभा में पेश करना चाहते थे। वरुण ने अपने घर पर अन्ना हजारे को अनशन करने का प्रस्ताव भी दिया था।
वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए पूछा, ‘ कैग ने रिलायंस को दोषी बताया है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट टर्म्स का साफ उल्लंघन हुआ है। सरकार और विपक्ष, दोनों इस मुद्दे पर चुप हैं। मैं हैरान हूं कि ऐसा क्यों है?! ’
वरुण ने इसका भी जिक्र किया कि कैग ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी एजेंसियों को किस कदर झाड़ लगी। वरुण ने कहा, ‘ पहला, कॉन्ट्रैक्ट्स में कॉम्पिटिशन को खत्म कर दिया गया। दूसरा, अनुचित दरों पर कॉन्ट्रैक्ट्स दिए गए। तीसरा, सरकार को बिना बताए तेल और गैस की खोज पर खुद ही नोटिफाई कर लेना। ’
वरुण गांधी इस वक्त करप्शन के खिलाफ काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वरुण अन्ना हजारे के आंदोलन में शामिल होने के लिए रामलीला मैदान भी गए थे और उनका जन लोकपाल बिल लोकसभा में पेश करना चाहते थे। वरुण ने अपने घर पर अन्ना हजारे को अनशन करने का प्रस्ताव भी दिया था।
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