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दस सिर वाला
Sunday, 3 July 2022
32 सालों से भारतीय बनकर कानपुर में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक ने रखा अपना पक्ष, जानिए क्या कहा?
Kanpur News : शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद जूही थाने में मुकदमा होने के बाद पाकिस्तानी नागरिक ने पुलिस पूछताछ अपना पक्ष रखा है। 32 वर्षों से शहर में रह रहे पाक नागरिक ने अपनी सफाई में जो कुछ बताया वह कम हैरान करने वाला नही था। पाक नागरिक आलम चन्द्र इसरानी ने कहा कि पाकिस्तान में उसके साथ जुल्म किया जाता था। जिसके कारण वह 1992 में लंबी समयाविधि का वीजा लेकर दोनो बेटों के साथ शहर आ गया था।
शहर पहुंचकर उन्होंने किराये पर मकान लिया। 2013 में उन्हें भारत सरकार से इंडिया की नागरिकता मिल गई थी। 32 साल से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शहर में रहने वाले आलम ने बताया कि पहले उन्होंने साकेत नगर में किराए पर कमरा लिया था। उसने यहां पहले कॉपी किताब बेचने की दुकान खोली। इसके बाद वह बर्रा 2 में रामस्वरूप के मकान में किराए पर रहने लगा।
वह परिवार के साथ पिछले 30 सालों से बर्रा में रह रहे हैं। यहीं घर के बाहर बेकरी की दुकान खोल ली। आलम ने बताया कि मकान मालिक रामस्वरूप उनपर लगातार मकान खाली करने का दबाव बना रहा था। उनने यह भी बताया कि मुकदमे का वादी आलोक कुमार निवासी किदवई नगर उनका मिलने वाला है।
नोटिस के जरिये मांगे गए दस्तावेज
अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद जूही पुलिस ने आलम को नोटिस भेजकर सभी आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। पुलिस की माने तो सभी कागजों को देखने के बाद उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा। किसी तरह की धोखाधड़ी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि किदवई नगर एम ब्लॉक निवासी आलोक कुमार ने एमआईजी बर्रा 2 में रहने वाले आलम चन्द्र और उनके बेटों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर जूही थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
इस पूरे मामले में एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह ने हमें बताया कि, पाक नागरिक का आरोप लगने वाले आलम से सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। उन्हें शनिवार तक का समय दिया गया है। दस्तावेज देखने और उन्हें सत्यापित कराने के बाद आगे की उचित कार्यवाई की जाएगी।
Saturday, 2 July 2022
2 साल पहले 2 जुलाई की रात जब दगती गोलियों की तह में थर्रा उठा था बिकरु गांव...
Kanpur Crime News: आज की 2 जुलाई से ठीक दो साल पहले की दो जुलाई। आधी रात के पसरे सन्नाटे में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर पूरा का पूरा बिकरु गांव घरों में दुबक गया था। बिकरु डॉन विकास दुबे व उसके गुर्गों ने आधी रात एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को बेरहम मौत दी थी। इन सभी दहशतगर्दों ने मिलकर एक-एक पुलिसवाले को दर्जनों राउंड गोलियां मारी थीं।
इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर 8 दिन के भीतर एक के बाद एक विकास समेत 6 शूटरों को खोजकर एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले के 54 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। केस का ट्रायल अभी चल रहा है। तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी, भीटी प्रधान जिलेदार यादव समेत कई लोग गैंगस्टर विकास दुबे का साथ देने के कारण जेल में बंद हैं।
2 जुलाई 2020 की आधी रात हुए इस कांड में पुलिस को विकास दुबे के खिलाफ ज़ादेपुर के राहुल तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर का सहारा मिला था। इसी एफआईआर में आधी रात डॉन के ठिकाने पहुंची पुलिसकर्मियों की मौत दर्ज थी। तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बिकरु गांव में दबिश दी गई। यहां पहले से ही विकास और उसके गुर्गे घात लगाए बैठे थे। पुलिस के वाहनों को रोकने के लिए बाकायदा जेसीबी लगाई गई। जिस कारण सभी पैदल ही दरवाजे पर दबिश मारने पहुंच गए थे।
नतीजतन कमरों और छतों पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। चन्द ही मिनटों में बदमाशों ने आठ पुलिसवालों को छलनी कर दिया। जिसमें छेत्रधिकारी देवेंद्र मिश्रा को बड़ी बेरहमी से मारा गया था। इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देकर सभी बदमाश फरार हो गए थे। इस हत्याकांड ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। और विकास दुबे रातोरात सबसे खतरनाक किलिंग मशीन बनकर उभरा था।
पुलिस ने इसके दूसरे ही दिन यानी तीन जुलाई की सुबह विकास के रिश्तेदार प्रेम कुमार पांडेय और अतुल दुबे को एनकाउंटर में मार दिया था। इसके बाद अमर दुबे को हमीरपुर में, इटावा में प्रवीण दुबे को मार गिराया गया। पुलिस कस्टडी से भागने पर पनकी में प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा को ढेर कर दिया गया। 9 जुलाई की सुबह उज्जैन में बेहद नाटकीय ढंग से सरेंडर हुए गैंगस्टर विकास दुबे को थाना सचेंडी से 200 कदम की दूरी पर मार गिराया गया था। विकास की मौत को लेकर एसटीएफ के दावा था कि विकास पिस्टल लेकर भाग रहा था, जिसके बाद उसे जवाबी कारवाई में मार देना पड़ा।
बिकरु कांड में क्या हुई कार्रवाई
●80 एफआईआर दर्ज हुई थीं
●62 मामलों में चार्जशीट लगाई गई
●66 लोगों की अरेस्टिंग हुई
●वर्तमान में 54 अपराधी जेल में
●39 मामलों में आरोप तय
●36 लोगों को गैंगस्टर एक्ट के 3 मामले में आरोपी बनाया गया है
●30 का शस्त्र लाइसेंस निरस्त हुआ
●8 पुलिसवालों की हुई थी मौत
संपत्ति जो अब तक जब्त हुई
●विकास दुबे - 67 करोड़
●जय बाजपेई - 2 करोड़ 97 लाख
●विष्णु पाल - 7 लाख
अब तक कुल 70 करोड़ 4 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
पुलिसकर्मी जो शहीद हुए थे
●डीसीपी देवेंद्र कुमार मिश्रा
●एसओ महेश कुमार यादव
●दरोगा अनूप कुमार सिंह
●दरोगा नेबुलाल
●सिपाही जितेंद्र पाल
●सिपाही सुल्तान सिंह
●सिपाही बबलू कुमार
●सिपाही राहुल कुमार
Wednesday, 29 June 2022
इस एंकर को मोदी की चापलूसी के लिए पद्मश्री मिलना चाहिए
टाइम्स नाऊ नवभारत का कार्यक्रम न्यूज़ की पाठशाला. इस स्लॉट को एंकर सुशांत सिन्हा होस्ट करते हैं. मुझे याद नहीं जो कभी इस एंकर कम पाठशाला के मास्टर नुमा सुशांत को अच्छी पत्रकारिता करते देखा हो. ढाई महीने से टीवी नहीं देखी लेकिन इन दिनों सिटी नेटवर्क कनेक्शन में टीवी खोलते ही सबसे पहले यही चैनल हिनहिनाता हुआ सामने आता है. पाठशाला में सुशांत मोदी के सप्पोर्ट में घोड़े दौड़ा रहे थे. उदयपुर की घटना के लिए पापा को दोष न दिया जाए इसलिए यह ऑडियंस को 93 साल पहले लाहौर (अब पाकिस्तान) तक ले गया.
एंकर ने उदयपुर में टेलर की हत्या पर बोलना शुरू किया. उनने कहा, लोग कहते हैं यह सब 2014 के बाद होना शुरु हुआ है. एंकर ने कहा 'तो भैया यह 2014 से पहले भी होता रहा है. इसके बाद एंकर 1929 में चला जाता है, जब देश गुलाम था. दंगे 1929 से अब यानी 2022 तक हो रहे हैं. एंकर ने अपनी इनवेस्टिगेटिव आंखों से उस समय देखकर बताते हुए कहा कि तब एक किताब के पब्लिशर राजपाल मल्होत्रा की 6 अप्रैल 1929 को लाहौर में गला काटकर हत्या की गई थी. लाहौर अब पाकिस्तान में है. तब मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे. इसके बाद एंकर ने और भी दंगे गिनवाए. लेकिन उसने 2002 दंगों का जिक्र नहीं किया. क्या गुजरात मे जो कुछ हुआ उसे दंगे की श्रेणी में नहीं गिना जाएगा?
मोदी के साथ साथ एंकर अपनी जमात का भी बचाव करते हुए कहता है, 'हत्या के लिए इस सोच को जिम्मेदार ठहराने की जगह, कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है, कभी मीडिया को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है, कभी ये कहा जाता है कि राजनीति जिम्मेदार है. अक्सर ये कह दिया जाता कि 2014 में मोदी के पीएम बनने के बाद देश का माहौल बिगड़ गया. जो सोच आज की नहीं है, जो सोच वर्षों से चली आ रही है, जो सोच 2014 के बाद नहीं आई, जो सोच 2014 के पहले भी रही है, जब नरेंद्र मोदी पीएम नहीं थे, और तब भी थी, जब देश आजाद नहीं हुआ था.'
Udaypur murder case : धारा 144 लागू, बन्द हुआ इंटरनेट, सिर काटकर लाने वालों को VHP देगी 1 करोड़
राजस्थान के उदयपुर में कल 28 जून मंगलवार को दिनदहाड़े एक शख्स की हत्या के बाद तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हुई हत्या के बाद पूरे राज्य में अगले एक महीने के लिए धारा 144 घोषित कर दी गई है। इसके अलावा अगले 24 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा को भी सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, उदयपुर के सात थाना इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है। मृतक युवक की पहचान कन्हैया लाल तेली के रूप में हुई है। कन्हैया लाल शहर के धानमंडी इलाके में खुद की टेलरिंग शॉप चलाता था।
तमाम रिपोर्टस के मुताबिक कन्हैया लाल ने कथित तौर पर बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट किया था। जिसके चलते उसे पहले भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी थी। इधर दूसरी तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ-साथ सभी से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
आरोपियों का सिर काटने पर 1 करोड़ इनाम
राजस्थान में कन्हैया लाल की हत्या के मामले में प्रदर्शन लगातार जारी है। आज बुधवार 29 जून को शाहजहांपुर जिले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अलग-अलग जगहों पर इस्लामिक आतंकवाद का पुतला फूंक कर अपना गुस्सा जाहिर किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की मांग की। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजेश अवस्थी ने टेलर की निर्मम हत्या की घटना को अंजाम देने वाले हत्यारों का सिर कलम करने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
पुतला जलाकर फांसी की डिमांड
दरअसल, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज कलेक्ट्रेट गेट पर इस्लामिक जिहादियों का पुतला दहन कर हत्यारों को फांसी देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। बीते दिन राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की निर्मम हत्या करने वाले जिहादियों का विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर पुतला दहन किया।
मृतक के परिवार को सुरक्षा की दरख्वास्त
हिन्दू संगठनों ने टेलर कन्हैया के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराये जाने के साथ- साथ राजस्थान सरकार से 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही वहां की प्रदेश सरकार से इस्तीफा देने की भी मांग की। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने इस्लामिक जिहाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
अशोक गहलोत की अपील
राजस्थान के उदयपुर हत्याकांड बेहद संवेदनशील होने के चलते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस पर तुरंत संज्ञान ले लिया है। उन्होंने ट्वीट किया, उदयपुर में युवक की जघन्य हत्या की भर्त्सना करता हूं। इस घटना में शामिल सभी अपराधियों कठोर कार्रवाई की जाएगी एवं पुलिस अपराध की पूरी तह तक जाएगी। मैं सभी पक्षों से शान्ति बनाए रखने की अपील करता हूं। ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त हर व्यक्ति को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।’ मुख्यमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में वीडियो को शेयर न करने की अपील की है। उन्होंने लिखा, मैं सभी से अपील करता हूं कि इस घटना का वीडियो शेयर कर माहौल खराब करने का प्रयास ना करें। वीडियो शेयर करने से अपराधी का समाज में घृणा फैलाने का उद्देश्य सफल होगा।'
Friday, 6 May 2022
पलायन को मजबूर परिवार ने योगी बाबा से मांगा न्याय
योगी बाबा न्याय दिलाओ नहीं तो मर जाएंगे
दबंगों की दबंगई से परेशान परिवार ने पलायन का लिया निर्णय
प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली से नाखुश परिवार पलायन को मजबूर
जिला प्रशासन की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा पीड़ित परिवार
एंकर -सुबह के मुखिया योगी आदित्यनाथ प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और हर किसी को न्याय दिलाने का दम भर रहे हैं तो वही कानपुर देहात में एक परिवार दबंगों की दबंगई के चलते पलायन को मजबूर हो गया।
वी ओ - हाथों में बैग और बुजुर्गों के कंधों पर मासूमों का सर और चेहरे पर दिखती मायूसी और आंखों में आंसू देख कर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जरूर लोगों के साथ कुछ गलत हो रहा है कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुरलीपुर गांव के रहने वाला यह परिवार गांव के ही कुछ दबंगों के दबंगई के चलते पलायन करने को मजबूर हो गया है दरअसल इस परिवार के घर के सामने रहने वाले लाल सिंह का परिवार रहता है और दोनों परिवारों के बीच में आने जाने के लिए रास्ता निकालने को लेकर कुछ दिनों से विवाद चल रहा है जिसको लेकर लगातार पीड़ित परिवार अधिकारियों से गुहार लगा रहा था और इस बात की उम्मीद भी बांधकर चल रहा था कि इनको अपने घर से निकलने के लिए रास्ता दिया जाएगा लेकिन दबंग के हौसले इस कदर बुलंद थे कि उसने अधिकारियों की भी बात ना सुने और पीड़ित को धमकाने लगा कि जो करना है वह कर लो मेरा यहां कोई कुछ नहीं कर पाएगा जिसके बाद यह परिवार इस कदर दबंगों की दबंगई से त्रस्त हो गया कि लगातार दबंग इस परिवार को धमकाने लगे और इनके घर की बहू बेटियों को उठा ले जाने उनके साथ गलत करने की धमकी देने लगे जिसके बाद इस परिवार ने एक ऐसा कठोर कदम उठाया जिस ने जिला प्रशासन को हैरत में डाल दिया दरअसल इस परिवार ने त्रस्त होकर अपना घर छोड़ दिया और पलायन के लिए घर से निकल पड़े लेकिन घर से सारा सामान लेकर सड़क पर उतरा यह परिवार पहले जिला प्रशासन की चौखट पर जा पहुंचा जी हां यह कानपुर देहात जिला अधिकारी का कार्यालय है और यह परिवार लगातार अधिकारियों की चौखट पर चक्कर काट काट कर थक चुका था और अब आखरी बार जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने पहुंचा था किस तरह से रो रो कर अपनी आपबीती बताता यह परिवार और सामने इनकी बात सुनते एडीएम जगदंबा प्रसाद ने पीड़ितों की बात सुनी और न्याय की उम्मीद बधाई लेकिन दबंगों की दबंगई से यह परिवार इतना शब्द हो चुका था केस ने रो-रोकर मीडिया के कैमरों पर साफ तौर से कह दिया कि योगी बाबा हम को न्याय दिलाओ वरना हम मर जाएंगे।
बाइट - पीड़िता
बाइट - पीड़िता
वी ओ - किस तरह से अपने साथ हुई नाइंसाफी की बात को बयां करता यह परिवार और इस परिवार की आपबीती सुनते प्रशासनिक अधिकारी दरअसल यह परिवार इस बात का आरोप भी लगा रहा है कि प्रशासन के कुछ अधिकारी इनकी बात को इनकी समस्या को सही समझ रहे हैं मान भी रहे हैं और वह उनको न्याय दिलाने की कोशिश भी कर रहे हैं लेकिन कानपुर देहात के रूरा थाने का जो स्टाफ है वह इनकी मदद नहीं कर रहा है दरअसल दबंग लाल सिंह के परिवार का एक सदस्य रूरा थाने के थाना इंचार्ज की गाड़ी चलाता है और वह भी बताओ और ड्राइवर जिसके चलते थाने का स्टॉप पीड़ित की कोई भी मदद नहीं कर रहा है वही जब हमने पीड़ित परिवार की एक सदस्य से बात की तो उन्होंने बताया कि लगातार दबंग परिवार उनको डरा रहे हैं धमका रहे हैं और उनके साथ गलत काम करने की धमकी भी दे रहे हैं और अब पीड़ित परिवार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगा रहे हैं और चीख चीख कर कह रहे हैं कि योगी बाबा हमें न्याय दिलाओ वरना हम मर जाएंगे।
जब इस बाबत पीड़ित परिवार की बात सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारी जनपद कानपुर देहात के एडीएम जगदंबा प्रसाद से हमने बात की तो उन्होंने बताया कि यह जो पूरा मामला है यह आबादी क्षेत्र का मामला है और इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि इस तरह के मामले में विधि पूर्वक ही कार्यवाही की जाती है इसलिए अभी यह मामला इतना गंभीर नहीं हुआ है इस परिवार को पलायन करना पड़े फिलहाल एडीएम साहब ने एसडीएम को निर्देशित कर दिया है कि वह मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार की बात को समझ कर उसे न्याय दिलाएं, लेकिन सवाल अब भी बड़ा खड़ा हो रहा है कि जहां एक और एक परिवार प्रशासनिक कार्यशैली हो और दबंग की दबंगई से इतना ट्रस्ट हो चुका है कि वह पलायन की स्थिति में आ गया है और वह अपना घर छोड़कर कहीं और जाने को मजबूर हो गया है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इस बात की गंभीरता को ना समझते हुए यह कह रहे हैं कि अभी मामला इतना गंभीर नहीं है कि कोई परिवार पलायन कर जाए।
बाइट -जगदंबा प्रसाद (एडीएम वित्त कानपुर देहात)
Thursday, 5 May 2022
कानपुर पुलिस ने फिर गाड़े झंडे
कानपुर पुलिस ने एक बार फिर झंडे गाड़ने वाला काम किया है. वैसे भी इन दिनों यूपी पुलिस को पत्रकारों में क्रिमिनल और गुंडों बदमाशों में संत नजर आ रहा है. नीचे की यह तस्वीर देखिये. इस फोटो के लाल घेरे में जो सख्श नजर आ रहा है वह हिस्ट्रीशीटर इमरान टैंकर है. बगल में मोहतरमा तेज तर्रार DCP साउथ रवीना त्यागी हैं.
दरअसल गुरुवार को अलविदा की नमाज थी. थाना नौबस्ता क्षेत्र में पुलिस के पैदल मार्च में अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे अपराधी का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल है. इससे पहले भी यह अपराधी पुलिस के साथ वायरल होता रहा है. कानपुर पुलिस की कई बार किरकिरी हुई बावजूद इसके गठबंधन बरकरार है.
दूसरी तस्वीर में टैंकर का क्रिमिनल भी देख लीजिए. तेल माफिया के नाम से मशहूर अपराधी ईमरान टैंकर पर साल 2014 में महाराजपुर के इंडियन ऑयल की कानपुर-बरौनी मुख्य पाइप लाइन से तेल चुराने का मुकदमा दर्ज हुआ था. टैंकरों से तेल चोरी करने के कारण उसके नाम के साथ भी ‘टैंकर’ जुड़ गया.
इमरान पर लोक संपत्ति का नुकसान अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, नौबस्ता थाने में 2016 में मारपीट, धमकी, 2018 में बलवा, छेड़छाड़, मारपीट धमकी और संपत्ति पर कब्जा करना, लूट का प्रयास, गुंडा एक्ट, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा आदि धाराओं में केस दर्ज हैं. लेकिन पुलिस को यह सब अगर दिखे तो कमिश्नरी का भला फायदा क्या होगा?
Wednesday, 20 April 2022
जानिए यूपी के किन 4 जिलों में मास्क लगाना हुआ अनिवार्य
👉🏽 *_यूपी के चार जिलों में मास्क अनिवार्य, वाराणसी में चाैथी लहर का बढ़ा खतरा_*
_*उत्तर प्रदेश* में कोरोना के बढ़ते खतरों को देखते हुए एनसीआर के तीन जिलों सहित प्रदेश की राजधानी लखनऊ व कुल चार जिलों में मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। अब वाराणसी में भी कोरोना की चाैथी लहर का खतरा बढ़ गया है।_
_मास्क की अनिवार्यता के बाद अब *कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आशंका भी बढ़ रही है।* दरअसल उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे कई राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के केस में लगातार बढ़ोतरी होने से चौथी लहर की आशंका बढ़ती जा रही है। वाराणसी पूर्व में हुए कोरोना मामलों में देश खूब चर्चा में रह चुका है। अब वाराणसी में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा होने लगा है।_
_एनसीआर के जिलों हापुड़, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अधिक प्रभाव नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों से यहां पर लगातार इन जिलों में स्कूलों से लेकर सामाजिक समारोहों में आने वालों के बीच बढ़ते मामलों को देखते हुए चिंता बढ़ गई है। बीते 24 घंटे में गौतमबुद्ध नगर में 65 तथा गाजियाबाद में 20 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं। वहीं दूसरी ओर लखनऊ में दस नए कोरोना संक्रमित सामने आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार इन क्षेत्रों में स्थिति पर सूक्ष्मता से नजर रखी जा रही है।_
_वाराणसी में कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा भी अब देखने को मिल रहा है। लगातार कोरोना संक्रमण के मामलों में एकरसता बनी होने के साथ ही लगातार एक दो या तीन सक्रिय केस बने हुए हैं। अब प्रदेश सरकार की सक्रियता की वजह से कोरोना के चौथी लहर के खतरों में इजाफा साफ नजर आने लगा है। सरकार की पहल को देखते हुए अगर वाराणसी में सक्रिय मामले पांच से और अधिक बढ़ते हैं तो संभावना है कि पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मास्क की अनिवार्यता जैसा फैसला लिया जा सकता है। दरअसल वाराणसी में कोरोना की तीसरी लहर कमजोर होने से लोगों में लापरवाही भी खूब शुरू हो चुकी है। ऐसे में सक्रिय मामलों में इजाफा होते ही कड़े फैसले वाराणसी के संदर्भ में लिए जा सकते हैं।_
_*वाराणसी में पांच सक्रिय मामले :-* वाराणसी जनपद में रविवार को एक और कोरोना पाजिटिव मरीज मिलने से सक्रिय मरीजों की संख्या तीन पहुंच गई तो दूसरी ओर सोमवार को दो नए केस सामने आने के बाद सक्रिय मामले बढ़कर पांच हो गए हैं। हालांकि, एक मरीज हाेम आइसोलेशन में स्वस्थ भी हो गया। सक्रिय सभी मरीज होम आइसोलशन में ही स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। तीसरी लहर में अब तक कुल 13521 मरीज कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। जिले में तीसरी लहर में अब तक 619993 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 614893 लोगों की रिपोर्ट भी आ चुकी है। रविवार को भी 2934 लोगों को सैंपल जांच के लिए लिया गया। इसी दिन 3413 लोगों की रिपोर्ट भी आई, जिसमें एक व्यक्ति कोराेना पाजिटिव पाया गया। इस तरह देखें तो जिले में फिलहाल संक्रमण 0.03 फीसद और रिकवरी रेट 99.88 फीसद है। तीसरी लहर में 13389 लोग होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए तो 116 लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
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