Saturday, 2 July 2022
2 साल पहले 2 जुलाई की रात जब दगती गोलियों की तह में थर्रा उठा था बिकरु गांव...
Kanpur Crime News: आज की 2 जुलाई से ठीक दो साल पहले की दो जुलाई। आधी रात के पसरे सन्नाटे में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर पूरा का पूरा बिकरु गांव घरों में दुबक गया था। बिकरु डॉन विकास दुबे व उसके गुर्गों ने आधी रात एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मियों को बेरहम मौत दी थी। इन सभी दहशतगर्दों ने मिलकर एक-एक पुलिसवाले को दर्जनों राउंड गोलियां मारी थीं।
इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर 8 दिन के भीतर एक के बाद एक विकास समेत 6 शूटरों को खोजकर एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले के 54 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। केस का ट्रायल अभी चल रहा है। तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी, भीटी प्रधान जिलेदार यादव समेत कई लोग गैंगस्टर विकास दुबे का साथ देने के कारण जेल में बंद हैं।
2 जुलाई 2020 की आधी रात हुए इस कांड में पुलिस को विकास दुबे के खिलाफ ज़ादेपुर के राहुल तिवारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर का सहारा मिला था। इसी एफआईआर में आधी रात डॉन के ठिकाने पहुंची पुलिसकर्मियों की मौत दर्ज थी। तत्कालीन सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बिकरु गांव में दबिश दी गई। यहां पहले से ही विकास और उसके गुर्गे घात लगाए बैठे थे। पुलिस के वाहनों को रोकने के लिए बाकायदा जेसीबी लगाई गई। जिस कारण सभी पैदल ही दरवाजे पर दबिश मारने पहुंच गए थे।
नतीजतन कमरों और छतों पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। चन्द ही मिनटों में बदमाशों ने आठ पुलिसवालों को छलनी कर दिया। जिसमें छेत्रधिकारी देवेंद्र मिश्रा को बड़ी बेरहमी से मारा गया था। इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देकर सभी बदमाश फरार हो गए थे। इस हत्याकांड ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। और विकास दुबे रातोरात सबसे खतरनाक किलिंग मशीन बनकर उभरा था।
पुलिस ने इसके दूसरे ही दिन यानी तीन जुलाई की सुबह विकास के रिश्तेदार प्रेम कुमार पांडेय और अतुल दुबे को एनकाउंटर में मार दिया था। इसके बाद अमर दुबे को हमीरपुर में, इटावा में प्रवीण दुबे को मार गिराया गया। पुलिस कस्टडी से भागने पर पनकी में प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा को ढेर कर दिया गया। 9 जुलाई की सुबह उज्जैन में बेहद नाटकीय ढंग से सरेंडर हुए गैंगस्टर विकास दुबे को थाना सचेंडी से 200 कदम की दूरी पर मार गिराया गया था। विकास की मौत को लेकर एसटीएफ के दावा था कि विकास पिस्टल लेकर भाग रहा था, जिसके बाद उसे जवाबी कारवाई में मार देना पड़ा।
बिकरु कांड में क्या हुई कार्रवाई
●80 एफआईआर दर्ज हुई थीं
●62 मामलों में चार्जशीट लगाई गई
●66 लोगों की अरेस्टिंग हुई
●वर्तमान में 54 अपराधी जेल में
●39 मामलों में आरोप तय
●36 लोगों को गैंगस्टर एक्ट के 3 मामले में आरोपी बनाया गया है
●30 का शस्त्र लाइसेंस निरस्त हुआ
●8 पुलिसवालों की हुई थी मौत
संपत्ति जो अब तक जब्त हुई
●विकास दुबे - 67 करोड़
●जय बाजपेई - 2 करोड़ 97 लाख
●विष्णु पाल - 7 लाख
अब तक कुल 70 करोड़ 4 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं।
पुलिसकर्मी जो शहीद हुए थे
●डीसीपी देवेंद्र कुमार मिश्रा
●एसओ महेश कुमार यादव
●दरोगा अनूप कुमार सिंह
●दरोगा नेबुलाल
●सिपाही जितेंद्र पाल
●सिपाही सुल्तान सिंह
●सिपाही बबलू कुमार
●सिपाही राहुल कुमार
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