Saturday, 20 July 2013

जो जेल रुपराम ने बनाई थी, उसका पहला कैदी भी रुपराम ही बना

Rajen Todariya :
 टिहरी के राजा की भी कई दिलचस्प कहानियां है। यह उस समय की बात है जब सुदर्शन शाह के समय में टिहरी की जेल का निर्माण हो रहा था। इस जेल बनाने का ठेका रुपराम को दिया गया था। रुपराम ने अच्छी जेल बिल्डिंग का निर्माण किया। इस जेल के निर्माण के बाद जो सामान बचा था उससे रुपराम ने अपना बंगला बनवा लिया। जब राजा ने जेल देखी तो वह रुपराम द्वारा किए गए बेहतर काम से बेहद खुश हुआ और उसने रुपराम की खूब तारीफ की। राजा के मुंह से अपनी प्रशंसा सुनकर रुपराम के उत्साह का ठिकाना नहीं रहा।
इसी उत्साह में उसने राजा से कहा कि महाराज आपने जेल तो देख ली अब थोड़ा समय मेरी झोपड़ी देखने के लिए निकाल लें। राजा भी खुशी-खुशी रुपराम के नवनिर्मित घर को देखने चल पड़ा। राजा ने रुपराम का घर देखा,सारा सामान जेल का ही लगा था। जेल की सामग्री देखकर राजा का माथा ठनक गया। उसने कड़क कर पूछा कि रुपराम यह सामान कहां से आया? रुपराम ने कहा कि हुजूर जो सामान जेल बनने के बाद बचा था उससे मैने अपना यह घर बना दिया। अब राजा ने रुपराम को गिरफ्तार कर जेल डालने का हुक्म दे दिया। इस प्रकार जो जेल रुपराम ने बनाई थी उसका पहला कैदी भी रुपराम ही बना। जेल बनाने वाले द्वारा ही जेल की कोठरी के उद्घाटन की यह अपने आप में पहली घटना है। टिहरी जेल तो रही नहीं पर रुपराम की कहानी आज भी चल रही है।

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