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लखनऊ। लोगों को तीसरी आंख वाला आशीर्वाद प्राप्त विशिष्ट व्यक्ति बताकर ठगने वाले निर्मल बाबा उर्फ निर्मल जीत सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश उपाध्याय ने थानाध्यक्ष गोमती नगर को दिया है।
अदालत के समक्ष निर्मल बाबा के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाली यह अर्जी आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पुत्री तनया ठाकुर व पुत्र आदित्य ठाकुर ने दी है। अदालत ने आदेश में कहा है कि सीधे खाते में धन जमा करके समागम में भाग लेने की अनुमति देना और समस्याओं के निदान के लिए अंधविश्वास व ऊल-जलूल समाधान बताना व्यक्ति विशेष के साथ ही धोखाधड़ी है। ऐसे कृत्य की जांच होनी चाहिए। अदालत ने 1999 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देकर कहा है कि यदि कोई व्यक्ति अपने को दैवीय शक्ति के रूप में प्रस्तुत करके रोगों को दूर करने की बात करता है और इसके लिए धन प्राप्त करता है, तब उसके कृत्य से धोखाधड़ी का अपराध बनता है।
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