Saturday, 27 July 2013

प्रधानमंत्री पद के लायक नहीं हैं मोदी और राहुल: हजारे


NEWS DESK नई दिल्ली/फर्रुखाबाद।। भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने वाले मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी दोनों ही प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं हैं, क्योंकि वे इस गरिमापूर्ण पद के लिए 'कतई लायक' नहीं हैं। अपनी जनतंत्र यात्रा के तहत फर्रुखाबाद पहुंचे हजारे ने शाहजहांपुर रवाना होने से पहले संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश में अलग-अलग ताकतें मोदी और राहुल को प्रधानमंत्री बनाने का शोर मचा रही हैं, लेकिन सचाई यह है कि उनकी नजर में वे दोनों ही प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार्य नहीं हैं, क्योंकि दोनों ही इस गरिमापूर्ण पद के लायक नहीं हैं। अन्ना ने कहा कि मोदी ने गुजरात में अपने एक दशक से भी ज्यादा समय के शासनकाल में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की। मोदी का कहना है कि भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति जरूरी नहीं है। योजना आयोग की गरीबी की परिभाषा पर हजारे ने कहा, 'जिस तरह प्रसव पीड़ा का अनुभव प्रसूता ही कर सकती है, उसी तरह गरीबी का सही अंदाजा एयरकंडिशन कमरों में रहने वाले नहीं लगा सकते। आज 33 रुपये में एक व्यक्ति के लिए पौष्टिक खाना उपलब्ध नहीं होगा, परिवार चलाना तो कल्पना से दूर है।' उन्होंने कहा कि देश में दलगत राजनीति के कारण ही भ्रष्टाचार और अनाचार फल-फूल रहा है। उनका जनक्रांति मोर्चा छह करोड़ समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठित करने की कोशिश कर रहा है, जिनके माध्यम से आगामी दिसंबर में दिल्ली के रामलीला मैदान में जनलोकपाल के लिये संघर्ष की दूसरी पारी शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि राजनीतिक नेताओं पर हमले करने वाले अन्ना से जुड़ी एक खबर ने हाल ही में तब सनसनी मचा दी थी जब उन्होंने कथित तौर पर नरेंद्र मोदी को सांप्रदायिक नहीं मानने जैसी बात कही। मामला गर्माने पर अन्ना ने इस बात से किनारा कर लिया था। अन्ना ने कहा था कि उन्होंने कभी सांप्रदायिकता पर मोदी को क्लीन चिट नहीं दी। उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनके बयान को गलत रूप में छापा।

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