Saturday, 27 July 2013

मायावती ने किया फूड सिक्युरिटी बिल का सपोर्ट


NEWS DESK : लखनऊ ।। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को यूपीए सरकार की फूड सिक्युरिटी स्कीम का सपोर्ट करते हुए कहा अगर इसे संसद में बहस कराकर आम सहमति से लागू किया जाता, तो बेहतर रहता। माया ने साथ ही प्रदेश सरकार पर हमला बोला कि समाजवादी पार्टी की नई आरक्षण नीति एक खास जाति को फायदा पहुंचाने के लिए है। बीएसपी राज्य मुख्यालय पर एक प्रेस कॉन्फ्रेस में मायावती ने कहा, 'केंद्र की फूड सिक्युरिटी स्कीम गरीबों के हित में है, जिससे हमारी पार्टी सैद्धांतिक तौर पर सहमत है, लेकिन यह जल्दबाजी में उठाया गया कदम है। इसे जैसे-तैसे अध्यादेश के जरिए लाने के बजाय यदि संसद में राजनीतिक पार्टियों को बहस का मौका देकर आम सहमति से लाया गया होता तो बेहतर होता।' साथ ही गरीबी रेखा के नए पैमाने से गरीबों की संख्या कम दिखाने और कांग्रेस नेताओं द्वारा पांच और बारह रुपये में भरपेट खाना मिलने के दावों को कुतर्क बताते हुए मायावती ने कहा, जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं उन लोगों ने गरीबी कभी देखी ही नहीं है। यूपी पीसीएस परीक्षा में विवादास्पद तीन स्तरीय आरक्षण व्यवस्था को हालांकि अखिलेश सरकार ने वापस ले लिया है, लेकिन मायावती ने इस मौके का इस्तेमाल करते हुए कहा, यह आरक्षण नीति खासतौर पर यादव जाति के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई थी, जिससे ऊंची जाति के उम्मीदवारों का नुकसान होना तय था। उन्होंने इस आरक्षण नीति के विरोध में आंदोलन करने वाले नौजवानों पर कायम किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने इन नौजवानों का भविष्य अंधकारमय बनाने के लिए उन पर गंभीर धाराएं लगाई हैं। बीएसपी नेता ने कहा, 'यादव जाति को फायदा पहुंचाने के पीछे समाजवादी पार्टी की सोची समझी चुनावी लाभ लेने की रणनीति है। आयोग द्वारा चयनित ये अफसर भविष्य में एसडीएम, डीएसपी और अन्य पदों पर तैनात किए जाएंगे और चुनावों के दौरान उनकी भूमिका अहम होगी। तब एसपी के अहसानमंद अफसर सरकार के बजाय उस पार्टी के लिए काम करेंगे, जिसने उन्हें नौकरियां दिलवाई थीं।' कानून-व्यवस्था और चौपट प्रशासन के लिए सरकार को कोसते हुए मायावती ने कहा, 'यह सरकार लोगों का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने के लिए युवाओं को लैपटॉप बांटने का नाटक कर रही है। लेकिन युवा इससे गुमराह नहीं होंगे। वे अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी को सबक जरूर सिखाएंगे।' बीजेपी की बढ़त दिखाने वाले एक चुनाव पूर्व सर्वेक्षण प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मायावती ने कहा, 'ये सब हवाई बातें हैं। चुनाव हवा मे नहीं जमीन पर लड़े जाते हैं।'

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