Tuesday, 23 July 2013

कश्मीर में रहता है दुनिया का सबसे उम्रदराज शख्स?


ajab gajab NEWS DESK नई दिल्ली।। जम्मू-कश्मीर में एक बुजुर्ग ने दावा किया है कि उनकी उम्र 141 साल है। अगर उनका यह दावा सही पाया जाता है तो वह दुनिया के सबसे ज्यादा उम्र वाले इंसान बन जाएंगे। कश्मीर के उड़ी जिले के बिहजामा गांव में रहने वाले फिरोज-उन-दीन मीर अपनी डेट ऑफ बर्थ 10 मार्च, 1872 बताते हैं। उनका यह दावा हवाई नहीं है। मीर के पास एक सरकारी सर्टिफिकेट भी है, जिसमें उनकी डेट ऑफ बर्थ यही लिखी गई है। गिनेस वर्ल्ड रेकॉर्ड्स का स्टाफ इस बात की जांच कर रहा है कि मीर के दावे में कितनी सचाई है। अगर उनका दावा सही पाया गया, तो वह धरती पर जीवित सबसे उम्रदराज शख्स का खिताब हासिल कर लेंगे। फिलहाल यह रेकॉर्ड जापान की 115 साल की मिसाओ ओकावा के पास है। अब तक सबसे ज्यादा उम्र तक जिंदा रहने का रेकॉर्ड फ्रेंच महिला जेनी कालमेंट के नाम पर है, जिनका निधन 122 साल की उम्र में हुआ था। मीर की बात सही साबित हुई तो वह इस रेकॉर्ड को भी तोड़ देंगे। कश्मीर लाइफ मैगज़ीन की रिपोर्ट के मुताबिक 141 साल के मीर अपनी पांचवीं पत्नी मिसरा के साथ रहते हैं, जो उनसे 60 साल छोटी हैं। मीर ने अपनी उम्र के आठवें दशक में मिसरा से शादी की थी। इससे पहले उनकी 4 पत्नियां और रह चुकी हैं। मीर की नजर कमजोर हो चुकी है, लेकिन वह परिजनों की मदद से चल-फिर सकते हैं। उनकी याद्दाश्त थोड़ी कमजोर हो चुकी है, लेकिन फिर भी उन्हें अपने जीवन की बहुत सारी घटनाएं याद हैं। मीर अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए फल और मेवों के व्यापारी बन गए थे। वह अपने पिता के साथ कराची जाया करते थे। मीर कहते हैं, 'उस दौरान भारत और पाकिस्तान की सीमाएं नहीं थीं। यहां से मुजफ्फराबाद जाना श्रीनगर जाने के बजाए काफी आसान था। मैं कराची की एक बिजनसमैन फैमिली के साथ काम किया करता था। मैं कश्मीर ड्राई फ्रूट्स ले जाकर उन्हें वहां पर बेचा करता था। ये मेवे कराची में बहुत फेमस थे।' 1890 में उनकी पहली शादी हुई और 1900 में पत्नी की मौत तक कराची में ही रहे। जब उनकी पत्नी की मौत हो गई, तो वह वापस अपने गांव लौटे और 4 बार और शादी की। उनकी पाचवीं बीवी मिसरा बताती हैं, 'उन्होंने बहुत कड़वे अनुभव झेले हैं। वह 1880 में सोपोर और पाटन एरिया में आए भूकंप की बातें सुनाते हैं। जब वह कराची जाया करते थे, तब उन्होंने कई जानें बचाई थीं। पिछले 100 सालों में वह कई बड़ी घटनाओं के गवाह रहे हैं।' मीर ने उस दौर को भी याद किया, जब पाकिस्तानी छापेमारों ने कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह बताते हैं कि कैसे मोहरा के पावर हाउस को तबाह कर दिया गया और गार्ड की हत्या कर दी गई थी। सभी लोगों को पहाड़ों में जाकर छिपना पड़ा था। मीर कहते हैं कि अब जिंदगी में टेक्नॉलजी का बहुत दखल हो गया है। वह कहते हैं, 'जिंदगी तो आज बेशक आसान हो गई है, लेकिन लोग एक दूसरे के साथ अमन से नहीं रह पा रहे।' मीर के पोते अब्दुल राशिद बताते हैं कि 10 साल पहले हुए आंखों के ऑपरेशन के बाद मीर की नजर और मेमरी पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने कहा, 'हम उनके कई कहानियां सुनते थे। वे सुनाते जाते और कहानियां कभी खत्म नहीं होतीं। उन्होंने जिंदगी को बेहद करीब से देखा है।' अभी तक 19 अप्रैल, 1897 को जापान में जन्मे जिरोमॉन किमुरा को सबसे उम्रदराज पुरुष माना जाता है। पिछले महीने किमुरा 116 साल की उम्र में गुजर गए। उनकी मौत के बाद दुनिया के सबसे उम्रदराज इंसान का रेकॉर्ड जापान की ही ओकावा के पास है, जिनकी उम्र 115 साल है। अगर मीर के दावा सही है तो वह ओकावा से 25 साल बड़े हैं।

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