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सरबजीत नहीं रहा पर मैं हूं ना। अब मैं आपका भाई हूं। सरबजीत के अंतिम संस्कार में शामिल कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दलबीर कौर को यह कहते हुए गले लगा लिया। उनके माथे को चूमा। सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर और बेटियों पूनम और स्वप्नदीप को रोते-बिलखते देख राहुल खुद भावुक हो गए। पूरे परिवार को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि आज से आप सभी मेरा परिवार हो।
राहुल गांधी दोपहर दो बजे भिखीविंड गांव के श्मशानघाट पहुंचे। सरबजीत के शव पर पुष्प-मालाएं अर्पित करने के बाद नमन किया। एक घंटे तक वह श्मशान घाट में मौजूद रहे। सवा दो बजे सरबजीत के पार्थिव शरीर को दलबीर कौर ने अग्नि भेंट की। इसके बाद चिता के पास खड़े राहुल कभी सरबजीत के शव को तो कभी गमगीन परिजनों को निहारते रहे। गौरतलब है कि दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजकुमार के आवास पर राहुल गांधी सरबजीत के परिजनों को सांत्वना देने गए थे। पाकिस्तान में सरबजीत की साजिशन के तहत हुई हत्या से देशवासी आहत हैं। दलबीर कौर ने तो पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को माटी का पुतला बताते हुए उनसे इस्तीफा तक मांग लिया था। ऐसे में राहुल के अंतिम संस्कार में शिरकत करने और परिवार को सांत्वना देने से उनका गुस्सा खत्म हो गया है।
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