NEWS WAR | नई दिल्ली।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाक सैनिकों व आतंकियों द्वारा पांच भारतीय सैनिकों को शहीद कर देने के मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी के संसद में दिए बयान का पूरे देश में विरोध हो रहा है। इसे लेकर यूपीए सरकार और एंटनी पर आरोप लगाया जा रहा है कि वह पाकिस्तान से वार्ता जारी रखने के लिए पाक सरकार और उनके सैनिकों को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रही है।
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उधर, प्रधानमंत्री हर मसले के बाद जिस तरह से चुप्पी साध लेते हैं, उनकी चुप्पी इस बार भी जारी है। विवादों में घिरे एंटनी ने आज दोपहर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। संसद में इस मामले को लेकर हंगामा जारी है और इसी वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
एंटनी ने कहा, अब पूरी जानकारी के बाद ही दूंगा कोई बयान
गौरतलब है कि एंटनी ने मंगलवार को सदन में बयान दिया था कि भारी हथियारों से लैस लगभग 20 आतंकियों ने नियंत्रण रेखा के पास पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी। इनमें से कई पाकिस्तानी सैनिकों की वर्दी में थे। जबकि रक्षा मंत्रालय का कहना था कि इस हमले में पाक सैनिक शामिल थे और उनके साथ कुछ आतंकी भी थे।
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इसी विरोधाभाषी बयान के बाद सदन के साथ साथ पूरे देश में हंगामा मच गया।
पेश है इसपर राजनीतिक दल के नेताओं की प्रतिक्रिया:---
--- रक्षा मंत्री एके एंटनी के बयान और रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में अंतर है।
लालकृष्ण आडवाणी
--- हमारे रक्षा मंत्री ने इस मामले में पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी, उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
सुषमा स्वराज
--- हमे जो सूचना मिली थी उसी आधार पर हमने संसद में बयान दिया। सेना प्रमुख के जम्मू दौरे के बाद इस बारे में संसद को जानकारी दूंगा।
एके एंटनी
---रक्षा मंत्री का बयान हर तरह से सही है। सेना की ओर से दी गई जानकारी के बाद पूरी तरह से सोच विचार कर दिया गया बयान है। रक्षा मंत्री द्वारा माफी मांगने का प्रश्न नहीं उठता।
सलमान खुर्शीद
--- रक्षा मंत्री द्वारा संसद में दिया गया बयान हास्यास्पद है। हमने इस बारे में विशेषाधिकार हनन का नोटिस स्पीकर के पास भेज दिया है। सेना का कहना है कि हमला पाक सैनिकों की ओर से किया गया। पाकिस्तान के साथ वार्ता बंद होनी चाहिए विशेष कर प्रधानमंत्री को तो बात नहीं ही करनी चाहिए।
यशवंत सिन्हा
--- बहुत दुख की बात है, जब पूरा देश पांच सैनिकों की शहादत को लेकर शोक मना रहा है, किस प्रकार की राजनीति हो रही है।
मनीष तिवारी
----क्या हमें रक्षा मंत्री के इस बयान के तथ्यों पर विश्वास करना चाहिए।
रविशंकर प्रसाद
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