मनीष दुबे : 4 जून 2017 को उन्नाव में अपनी सहयोगी सशी सिंह के माध्यम से भगवा विधायक कुलदीप सेंगर ने एक रेप की घटना को अंजाम दिया. बलात्कार मामले में कोर्ट ने तेजी दिखाते हुए आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश कर रोहिणी जेल भेज दिया.
मामला उत्तर प्रदेश में ही दबा रहता और आरोपी की पहुंच के चलते एक न एक दिन गुमशुदगी को प्राप्त हो जाता. पर कहते है ना कि जब समय उल्टा हो तो अपने लिए किया गया हर बचाव भी गले की फांस बन जाता है. विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने गुर्गों से पीड़िता को उसके परिजनों तथा वकील सहित ट्रक से कुचलवा दिया. जिसमे वकील तथा पीड़िता को छोड़ सभी की मौके पर ही मौत हो गई थी. पीड़िता और वकील की हालत अभी भी गम्भीर बनी हुई है. आरोपी विधायक भगवाई होने से पहले सपाई और बसपाई भी रह चुका है.
एक नजर रोहिणी जेल पर......
तिहाड़ की जेल नम्बर दस कही जाने वाली रोहिणी जेल दिल्ली के सेक्टर 19 में बनी हुई है. जेल के अंदर कुल छह वार्ड बने हुए हैं. जिसमें वार्ड नम्बर एक जेल हॉस्पिटल है, वार्ड नम्बर दो तथा छह रिपीटर वार्ड हैं, वार्ड नम्बर तीन मुलाहिजा वार्ड है जहां पहली बार जेल गए बंदियों को रखा जाता है. वार्ड नम्बर चार लंगर है जिसमे कैद की सजा पाए कैदी रहते हैं, वार्ड नम्बर पांच हाई सिक्योरिटी वार्ड है इसमें खूंखार टाइप के या इनामी अथवा बड़े गैंगस्टरों को रखा जाता है. इस पांच नम्बर वार्ड में पूर्व में दिल्ली के टॉप गैंगस्टर रहे नीरज बवानिया सहित तमाम हिटलिस्ट वालों को रखा जा चुका है.
सूत्रों की माने तो विधायक कुलदीप सेंगर को वार्ड नम्बर एक स्थित हॉस्पिटल वार्ड में बनी बैरक में कड़ी सुरक्षा में रखा जा सकता है. 2012 में हरियाणा के हुड्डा सरकार में मंत्री रहे गोपाल कांडा को गीतिका मर्डर केस में इसी वार्ड में मेहमान की तरह रखा गया था.
दिल्ली के हरिनगर में स्थित तिहाड़ में एक से नौ नम्बर तक, दसवीं जेल रोहिणी के बाद ग्यारह से सोलह नम्बर तक मंडोली में जेलों का निर्माण है. इसमे तिहाड़ की छह नम्बर तथा मंडोली की जेल नम्बर सोलह महिला जेल है.

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