खबर है कि लखनऊ के हज़रतगंज थाने में अलका लांबा के खिलाफ धारा 504, 505 (1) बी और 505 (2) के अलावा आईटी ऐक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है। यहां तक तो सब ठीक है। लेकिन कहीं अलका लांबा ने अपना थर्मामीटर इस्तेमाल कर समूचे थाने को नपुंसक घोषित कर दिया तो ? सी जे एम को वह अपने थर्मामीटर के दम पर नपुंसक इस लिए घोषित नहीं कर सकतीं क्यों कि वह महिला हैं। हो सकता है कि कुछ मित्र मुझ पर लांछन लगाते हुए इस भाषा पर लानत भेजें। यह भी कहें कि मैं तो स्त्री विरोधी हूं। तो लानत है उन मित्रों को भी जो मुझ पर ऐसा लांछन लगाएं। क्यों कि हम तो यह टिप्पणी स्त्री अस्मिता के रक्षार्थ ही लिख रहे हैं।
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