Saturday, 27 July 2013

शहरी गरीबों के लिए बनेंगे 40,000 लो-कॉस्ट फ्लैट


MANISH DUBEY | NEWS WAR MEDIA PVT.LTD. - नई दिल्ली।। दिल्ली सरकार ने राजधानी में शहरी गरीबों को देने के लिए करीब 40,000 लो-कॉस्ट फ्लैट कंस्ट्रक्ट करने के पेंडिंग प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। राज्य की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी) ने सितंबर में 14,000 लो कॉस्ट फ्लैट आवंटित करने की घोषणा की। सालों से बोर्ड इन 14,000 फ्लैट आवंटित करने की फाइल को लटकाए हुए था। ये फ्लैट जेएनएनयूआरएम के तहत बने हैं और करीब 48,000 अभी भी अंडर-कंस्ट्रक्शन हैं। दीक्षित ने कहा, 'डीयूएसआईबी पहले ही योग्य लोगों की पहचान करने और उन्हें घर आवंटित करने के लिए कैंप आयोजित करने का शेड्यूल बना चुका है। यह रोजाना करीब 200 लोगों को घर आवंटित करेगा। मई और जून महीने के लिए शेड्यूल तैयार कर लिया गया है। इसमें करीब 30 क्लस्टर को शामिल किया जाएगा। इनमें से 3,900 से अधिक मामलों में आवंटन को हालात के अनुसार तय किया जाएगा। क्लस्टर्स में रहने वाले लोगों को सूचित किया जा रहा है और उन्हें जरूरी कागजात जुटाने के लिए शिक्षित किया जा रहा है।' बोर्ड ने पूर्वी दिल्ली के झिलमिल में कामकाजी महिलाओं के लिए होस्टेल का कंस्ट्रक्शन करने की मंजूरी दे दी है। इस पर करीब 3.74 करोड़ रुपए की लागत आएगी। एक सीनियर अधिकारी ने बताया, 'करीब 100 एकड़ भूखंड सावदा घेवरा और करीब 102 एकड़ भूखंड भलस्वा-जहांगीरपुरी में खाली है। हम इन जगहों पर शहरी गरीबों के लिए करीब 40,000 फ्लैट बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं।' दीक्षित ने कहा कि बोर्ड ने चार और प्रॉजेक्ट को मंजूर किया है। इसमें करीब 6,200 ईडब्ल्यूएस फ्लैट का कंस्ट्रक्शन, राजीव आवास योजना के तहत सुल्तानपुरी में करीब 2,880 फ्लैट का कंस्ट्रक्शन, सुल्तानपुरी विधानसभा क्षेत्र को स्लम मुक्त करने के लिए 15 जेजे कलस्टर्स को पुनर्वासित करने जैसे काम शामिल हैं।

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