Saturday, 27 July 2013

DMRC को मार्केट रेट पर PSU की जमीन बेचने का प्रपोजल रिजेक्ट


MANISH DUBEY | NEWS WAR MEDIA PVT.LTD. - नई दिल्ली।। अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री ने दिल्ली सरकार की एक योजना पर ब्रेक लगा दिया है। दरअसल, दिल्ली सरकार ने थर्ड फेज के लिए डीएमआरसी को पीएसयू की जमीन मार्केट (सर्कल) रेट्स पर बेचकर 1,000 करोड़ रुपए जुटाने का प्लान बनाया था। मिनिस्ट्री ने सरकार के इस प्रपोजल को खारिज करते हुए चीफ सेक्रेटरी डी एम सपोलिया को पत्र लिखकर कहा कि अगर इसे मंजूर कर लिया गया, तो दूसरे राज्य और एंटिटी भी ऐसी ही मांग कर सकते हैं। मिनिस्ट्री ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर मेट्रो प्रॉजेक्ट में जमीन देने वाली सरकारी एजेंसी डीएमआरसी से मार्केट रेट्स चार्ज करती, तो कंपनी पर 1,003.48 करोड़ रुपए का एक्सट्रा बोझ बढ़ता। राज्य सरकार को तब यह रकम ग्रांट या इंटरेस्ट फ्री डेट के रूप में डीएमआरसी को देना पड़ता। इस साल मई में सपोलिया की अगुवाई में बुलाई गई हाई-पावर्ड मीटिंग में दिल्ली सरकार ने दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (डीयूएसआईबी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) की जमीन डीएमआरसी को मार्केट रेट्स पर देने का प्रपोजल रखा था। दिल्ली सरकार की ये तीनों एजेंसियां अपनी फाइनैंशल जरूरतें खुद पूरी करती हैं। इस साल 27 जून 2013 के अर्बन डिवेलपमेंट मिनिस्ट्री में सेक्रेटरी सुधीर कृष्ण की ओर से लिखे लेटर के मुताबिक, 'पॉलिसी और प्रैक्टिस में ऐसे बदलाव देश के सभी मेट्रो रेल प्रॉजेक्ट्स के लिए बाध्यकारी हो जाएंगे। इसलिए दिल्ली सरकार के डीएमआरसी को मार्केट रेट्स पर पेमेंट्स देने के प्रपोजल को मानना मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डिवेलपमेंट के लिए सही नहीं होगा। इसकी देखा-देखी दूसरी एंटिटी और राज्य भी यह मांग करने लगेंगे।' मिनिस्ट्री ने सरकारी फंडिंग या पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के जरिए देश में चल रहे सभी मेट्रो प्रॉजेक्ट्स के लिए इस नियम का हवाला दिया। दिल्ली इसका अपवाद है, जहां जमीन की पूरी लागत ग्रांट या इंटरेस्ट-फ्री डेट के रूप में राज्य सरकार उठाती है। दिल्ली में केंद्र सरकार की काफी जमीन है। यहां दिल्ली मेट्रो के लिए जमीन पर होने वाले खर्च को राज्य और केंद्र सरकार आधा-आधा बांटते हैं। केंद्र सरकार के ऑर्डर से दिल्ली में पीएसयू ने डीएमआरसी को कम दरों पर अपनी जमीन दी है। डीयूएसआईबी ने किसी खास इलाके के प्लॉट को भी मिनिस्ट्री ऑफ अर्बन डेवलपमेंट से अप्रूव्ड इंटर-डिपार्टमेंटल रेट्स 188.19 लाख रुपए प्रति एकड़ पर आवंटित किए हैं। हालांकि, दिल्ली सरकार ने डीएमआरसी को सर्कल रेट्स पर जमीन देने का प्रस्ताव रखा था। इससे 'ए' कैटिगरी एरिया की जमीनों के दाम 35-40 गुना तक बढ़ जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि डीयूएसआईबी की जमीन राजौरी गार्डन में है। डीएमआरसी को इसकी जरूरत है। एजेंसी ने सर्कल रेट्स पर जमीन की कीमत का प्रस्ताव डीएमआरसी को पहले ही भेज दिया है।

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