Saturday, 27 July 2013

डॉक्टर की हत्या करने वाली युवती पहुंची थाने

 MANISH DUBEY कानपुर : at news war media - 

 कानपुर देहात के चर्चित अमरौधा पीएचसी प्रभारी हत्याकांड से पर्दा उठ गया। पुलिस जिस युवती की तलाश कर रही थी, वह शुक्रवार को खुद ही गोविंदनगर थाने पहुंच गई और हत्या का जुर्म कबूल लिया। बीएड व टीईटी उत्तीर्ण इस युवती का कहना है कि डॉक्टर नशे के इंजेक्शन देकर लंबे समय से उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न कर रहा था। उन्होंने कई युवतियों व महिलाओं की जिंदगी खराब की थी। वह डॉक्टर की हत्या कर उसकी काली करतूतें उजागर करना चाहती थी, इसलिए वारदात का कोई पछतावा नहीं है।
रनियां के पास हाइवे किनारे स्थित राही होटल में रविवार शाम अमरौधा पीएचसी प्रभारी डॉक्टर सतीश चंद्रा की गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। शव से डॉक्टर का नाजुक अंग गायब मिला था और उनके होंठ पर स्टेपलर की पिन लगी थी। पोस्टमार्टम के दौरान गुप्तांग में 24 सेंटीमीटर की लकड़ी निकली थी। इस लोमहर्षक हत्याकांड की छानबीन में जुटी पुलिस को घटना के समय डॉक्टर के साथ एक युवती होने का पता चला था। वह उनके साथ ही होटल पहुंची थी। इस बीच सोमवार को मामले में नया मोड़ आ गया। गोविंद नगर में सीटीआई चौराहे के पास एक कोरियर कंपनी कार्यालय से डॉक्टर के नाजुक अंग को उनके घर के पते पर भेजने एक युवती पहुंची। कोरियर कंपनी से सूचना मिलने पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पता चला यह कोरियर एक युवती द्वारा दिया गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। शुक्रवार को कानपुर देहात की क्राइम ब्रांच ने गोविंदपुरी कच्ची बस्ती में युवती के घर पर छापा मारा लेकिन वह वहां से निकलकर खुद ही थाने पहुंच गई।
'जब बड़ी बहन पर बुरी नजर डाली तो खौल उठा खून'
प्रीति के मुताबिक वर्ष 2002 में वह हाई स्कूल की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौैरान बड़ी बहन की अचानक तबियत खराब हो गई। उसका इलाज करने डॉ. सतीश चंद्रा घर आए। उन्होंने पिता को बहला फुसलाकर उसे ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने पिता को उसे डॉक्टर बना देने की बात समझायी और अपनी बर्रा स्थित क्लीनिक में नौकरी दे दी। एक दिन डॉक्टर ने नशीला इंजेक्शन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद यह सिलसिला कई सालों तक चलता रहा। इस बीच उसने बीएड और टीईटी कर लिया। लेकिन डॉक्टर बीमारी की बात कहकर उसे इंजेक्शन लगाता रहा और शारीरिक व मानसिक शोषण करता रहा। इससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। एक बड़े मनोचिकित्सक से इलाज कराया। वर्तमान में स्वरूपनगर के एक डॉक्टर से इलाज चल रहा है। प्रीति लता का आरोप है कि डॉक्टर उसकी बड़ी बहन पर भी बुरी नजर रखे था, इसी से नाराज होकर उसने वारदात अंजाम दिया। बहन को भी नौकरी का झांसा दिया जा रहा था।
इस तरह हत्या की वारदात दी अंजाम
प्रीति के अनुसार वह काफी दिनों से डॉक्टर की हत्या करने की योजना बना रही थी। 15 जुलाई को फोन करके होटल में बुलाया तो डॉक्टर वहां पहुंच गए। होटल के कर्मचारी उन दोनों को जानते थे। तुरंत कमरा बुक हो गया। वह अपने साथ अंग्रेजी शराब की एक बोतल खरीद कर ले गई थी। इसमें अपने इलाज वाली नशे की 20 गोलियां मिला दी थीं। यह शराब पीकर डॉक्टर बेहोश हो गए तो उनके हाथ-पैर बांध दिए। शोर न मचा सकें इसलिए मुंह पर स्टेपलर से पिन लगाकर टेप बांध दिया। गुस्से में पहले डॉक्टर की गर्दन काटी फिर नाजुक अंग काटकर दीवार पर इबारत लिख दी। प्रीति के अनुसार वह डॉक्टर की काली करतूतें समाज में उजागर करना चाहती थी, इसीलिए नाजुक अंग को कोरियर से भेजा। ऐसा करने से सनसनी फैल गई और सबको डॉक्टर के गलत होने का पता चल गया।

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