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अररिया। बिहार की एक अदालत ने ने धोखाधड़ी के मामले में शनिवार को निर्मलजीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। अररिया के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सत्येंद्र रजक की अदालत ने निर्मल बाबा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने यह आदेश अनुसंधानकर्ता द्वारा न्यायालय में दाखिल किए गए अनुरोध पत्र के बाद दिया।
अररिया के पुलिस अधीक्षक शिवदीप लांडे ने बताया कि आरोपी निर्मल बाबा की गिरफ्तारी के लिए एक टीम बनाई गई है, यह टीम उन्हें जल्द गिरफ्तार करेगी। गौरतलब है कि फारबिसगंज थाने में राकेश कुमार सिंह ने निर्मल बाबा पर भाग्य बदलने के नाम पर रुपये ऐंठने का आरोप लगाते हुए गत 21 अप्रैल को फारबिसगंज थाना में कांड संख्या 154/12 के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। सिंह के बयान के आधार पर निर्मल बाबा पर भारतीय दंड संहिता [आईपीसी] की धारा-417 एवं 420 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
सिंह का आरोप है कि वह एक कंपनी में नौकरी करते थे। नौकरी में कुछ परेशानी आने पर वह बाबा के संपर्क में आए और बाबा के कहने पर उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में एक हजार रुपये जमा किए। सिंह की शिकायत है कि समस्या के समाधान के लिए निर्मल बाबा द्वारा बताए गए उपायों से उन्हें कोई लाभ नहीं हुआ। लाभ के बजाय उनका और नुकसान हो गया। इस मामले की जांच फारबिसगंज के पुलिस उपाधीक्षक कर रहे हैं।
उधर, इससे पहले निर्मल बाबा के खिलाफ 20 अप्रैल को झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि बाबा ने सपने [सब्जबाग] दिखा कर लोगों से 1000 करोड़ कमाए हैं। याचिका में कहा गया था कि सपने बेचना [सब्ज बाग दिखाना] संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 का उल्लंघन है। इसमें कहा गया है कि निर्मल बाबा ऐसा कर 2002-03 से पैसे कमा रहे हैं। उन्होंने पैसे का निवेश विभिन्न प्रकार के व्यवसाय में किया है। विदेशों में भी निवेश किए जाने की आशंका है। बाबा के खिलाफ सबसे पहले लखनऊ की तन्या ठाकुर [16 साल] और उसके भाई आदित्य [13 साल] ने आवाज उठाई थी। दोनों 10 अप्रैल को बाबा के खिलाफ थाने पहुंचे थे।
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