Tuesday, 30 July 2013

नकली मेडिकल उपकरण बनाने वाली एक और फैक्टरी पकड़ी


MANISH DUBEY | नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने नकली मेडिकल उपकरण बनाने वाली एक और फैक्टरी पकड़ी है। पुलिस ने रविवार को नजफगढ़ इलाके में छापेमारी कर लगभग 30 लाख रुपये के नकली उपकरण बरामद किए। यह नकली उपकरण डायलिसिस, एंजियोग्राफी और शुगर जांच के लिए इस्तेमाल होने थे। पुलिस ने चंदन नामक एक आरोपी को इस मामले में गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि पहले वाले मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने ही इस फैक्टरी का पता बताया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रवीन्द्र यादव ने बताया कि 25 जुलाई को भी मादीपुर में ऐसी ही एक फैक्टरी का पर्दाफाश किया था। इस संबंध में गुलशन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी निशानदेही पर मशीन व उपकरण आदि सामान जब्त किया गया था। पुलिस ने उसके सहयोगी गणेश को भी फैक्टरी से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इस दौरान गुलशन पुलिस को नजफगढ़ में नंगली सकरावती गांव ले गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दूसरी फैक्टरी का पर्दाफाश किया, जो चंदन चला रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने भारी मात्रा में नकली उपकरण व अन्य सामान बरामद किया। आरोपी ने इस फैक्टरी में कई अत्याधुनिक मशीनें लगा रखी थीं। चंदन इन नकली उपकरणों को विभिन्न ब्रांड के नाम का स्टीकर लगाकर बेचता था। उसने इस अवैध गतविधिि के लिए फर्जी कंपनी भी बना रखी थी। मरीजों की जान को खतराइस फैक्टरी में नकली उपकरण तैयार कर आरोपी जान बूझकर मरीजों की जान खतरे में डाल रहे थे। पुलिस को जांच में पता चला कि असली व नकली उपकरण की कीमतों में काफी फर्क होने के चलते यह गिरोह फैक्टरी में नकली उपकरण तैयार कर रहा था। असली उपकरण के मुकाबले नकली उपकरण को तैयार करने में महज 20 फीसदी खर्च ही आता है। ऐसे शुरू की फैक्टरीयूपी के सुल्तानपुर का रहने वाला चंदन आठ साल पहले दिल्ली आया था। वह स्प्रिंग बनाने वाली एक फैक्टरी में नौकरी करने लगा। उस दौरान केसी शर्मा नामक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई जो ओखला में उपचार के उपकरण बनाता था। वहां चंदन ने स्प्रिंग मशीन चलाई। इस स्प्रिंग का इस्तेमाल डायलिसिस गाइड वायर के लिए किया जाता है। चार साल तक उस फैक्टरी में नौकरी करने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। फिर उसने नजफगढ़ में नकली उपकरण बनाने की फैक्टरी शुरू कर दी।

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