मुंबई, एजेंसी | NEWS WAR MEDIA PVT LTD -
भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये की कमजोरी को ध्यान में रखते हुये नीतिगत दरों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं करते हुये चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद और महंगाई के अनुमान को घटाकर क्रमश: 5.5 प्रतिशत और 5.0 प्रतिशत कर दिया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुव्बाराव ने चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति की पहली तिमाही समीक्षा की आज घोषणा करते हुये कहा कि रुपये को थामने के लिए हाल ही में किये गये मौद्रिक उपायों को विनिमय बाजार में स्थिरता आने के बाद वापस ले लिया जायेगा। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था का हवाला देते हुये कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के अनुमान को पहले के 5.7 प्रतिशत से कम कर 5.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि चालू मानसून सीजन में अब तक अच्छी बारिश होने से कृषि पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.5 प्रतिशत से कम कर 5.0 प्रतिशत कर दिया गया है।
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