Saturday, 27 July 2013

भारतीय क्रिकेट को IPL से बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला: रणतुंगा


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नई दिल्ली।। news war media pvt.ltd.- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) पर क्रिकेटरों को लालची बनाने का आरोप लगाते हुए श्रीलंका की वनडे वर्ल्ड कप विजेता कैप्टन अर्जुन रणतुंगा ने गुरुवार को कहा कि इस लीग से भारतीय क्रिकेट को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला और उन्हें हैरानी है कि कई महान क्रिकेटर इसे बचाने की कोशिश में लगे हैं। रणतुंगा ने कोलंबो से कहा, 'मैं पहले से कहता आया हूं कि आईपीएल क्रिकेट में सट्टेबाजी, फिक्सिंग, शराबखोरी, डोपिंग जैसी कई बुराइयों को लेकर आया है। मौजूदा स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण ने ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया है। मेरा मानना है कि क्रिकेट की भलाई के लिए आईपीएल को बंद कर देना चाहिए।' आईपीएल के मुखर आलोचकों में से एक रहे रणतुंगा ने हैरानी जताई कि कई महान क्रिकेटर आईपीएल के पक्ष में बोल रहे हैं। मैच फिक्सिंग के बराबर का मामला: रणतुंगा ने कहा, 'मुझे दुख है कि अपने जमाने के कई महान क्रिकेटर पैसा कमाने के लिए आईपीएल का बचाव कर रहे हैं। ईरापल्ली प्रसन्ना जैसे कुछ ही क्रिकेटर हैं, जो इसके खिलाफ खुलकर सामने आए हैं। आईपीएल क्यों खेला जा रहा है। इससे भारतीय क्रिकेट को क्या मिला है? र्वल्ड क्रिकेट में भारत की इतनी बदनामी कभी नहीं हुई। यह 2000 के मैच फिक्सिंग प्रकरण के बराबर का मामला है और इसका असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। मुझे पिछले छह साल में एक भी खिलाड़ी ऐसा नहीं देखा जो भारतीय क्रिकेट को आईपीएल की देन हो। आईपीएल के चलते भारत को कभी सचिन तेंडुलकर, द्रविड़, गावसकर या कपिल जैसे धुरंधर खिलाड़ी नहीं मिल सकेंगे। बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट का ढांचा इतना सक्षम है कि उससे अच्छे क्रिकेटर निकल सके और उसे आईपीएल की कोई जरूरत नहीं है।' हर सीजन में रहा है भ्रष्टाचार का शक:- सिर्फ आईपीएल छह ही नहीं बल्कि हर सीजन में भ्रष्टाचार का शक रहा है। आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई के पूर्व अध्यक्ष सर पॉल कंडोन ने 2008 में आईपीएल के पहले सीजन के बाद ही इसके संकेत दिए थे। आईपीएल में फिक्सिंग का खुलासा अब हुआ है लेकिन 2008 में पहले सीजन से ही शक की सुई इस लीग पर थी। कंडोन ने इस पर एक दस्तावेज भी आईसीसी बोर्ड को दिया था। सर कंडोन ने कहा था कि नब्बे के दशक के बाद अब आईपीएल क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आसान जरिए के रूप में उभरा है। यदि बीसीसीआई को वाकई क्रिकेट से भ्रष्टाचार को दूर करना था तो उसे तभी कार्रवाई करनी चाहिए थे। क्रिकेट नहीं तमाशा है:- उन्होंने कहा, 'भारतीय बोर्ड ने अपनी खुद की भ्रष्टाचार निरोधक ईकाई बनाई और हर आईपीएल में कोई न कोई विवाद जुड़ा रहा। यह क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट का तमाशा है और खिलाड़ियों को लालची बना रहा है। आईपीएल में अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और सरकार को इसमें दखल देना चाहिए। भारत सरकार को चाहिए कि बीसीसीआई को अपनी छत्रछाया में ले जैसा कि श्रीलंका में है। बीसीसीआई के मौजूदा पदाधिकारियों को बर्खास्त करके नए सिरे से चयन होना चाहिए।' जांच होनी चाहिए:- कुछ भारतीय सटोरियों के श्रीलंका प्रीमियर लीग (एसपीएल) में कुछ फ्रेंचाइजी के बेनामी मालिक होने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर रणतुंगा ने कहा, 'इसकी जांच होनी चाहिए। मैंने भी ऐसी खबरें पढ़ी हैं। मैं शुरू से श्रीलंका प्रीमियर लीग के भी खिलाफ था क्योंकि मुझे अंदेशा था कि ऐसी किसी भी लीग के साथ गैर जरूरी चीजें भी क्रिकेट में आ जाएगी। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होनी चाहिए।'

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