आज की मुलाकात के बाद दोपहर के स्वप्न में कुछ अपनो के चेहरे दिखे थे, जो राजनैतिक कार्यों से जुड़े थे। आज कई महीनो बाद अमर की अति प्रिय माँ आई थी उसकी मुलाकात पर, साथ में पापा व उसकी बड़ी बहन तथा भांजी अंशिका भी आई थी। कई सारी बातों का आदान प्रदान हुआ उनके बीच। जाते जाते माँ की आँखें जरूर गीली हो गई थीं। जेल में एक कार्यक्रम के चलते जल्दी ही मुलाकातें करवा कर सभी को भेज दिया गया।
राजनीतिक गलियारों का एक व्यक्ति जो करीबी था अमर का, चुनाव हार चुका था। उसका खास बड़ा भाई विजय कपूर जिसका बड़ा भाई अजय कपूर चुनाव हार गया था। दुख हुआ था अमर को उसकी हार से, बाहर होता तो सांत्वना देने जरूर जाता। तो वहीं भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में काबिज हो चुकी थी। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री तो उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार दो उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व दिनेश शर्मा को बनाया गया है। इनके साथ उसके शहर के शतीस महाना, सत्यदेव पचौरी व जय कुमार सिंह जैकी को मंत्री पद से नवाजा गया है। अब इनके घर जाने पर लाल बत्ती का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है मिलने के लिये अप्वाइंटमेंट लेना पड़े, पहले यह व्यवस्था डायरेक्ट थी।
अभिजीत सिंह सांगा को भारी मतों से जीत की बधाई, बढ़िया मिलनसार नेता है। अपने भाई अमिताभ बाजपेई को भी तहेदिल से बधाई, कानपुर सहित उत्तर प्रदेश के सभी जीते उम्मीदवारों को वधाई। योगी आदित्यनाथ से कभी सामना नहीं हुआ, बाकी आपकी अदालत में उनका प्रखर इंटरव्यू हुआ था एक बार, दिल बाग बाग हो लेता था रजत शर्मा के हर सवाल में योगी के जवाब को सुनकर। अपने विवादित बयानो व कट्टर हिंदुवादी की छवि वाले योगी कोई ना कोई करिश्मा जरूर करेंगे, उम्मीद भी है। उसकी जेल से ही आप सभी को शुभकामनाऐं।

मनीष दुबे की लिखी किताब जेल जर्नलिज्म से साभार...
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