Thursday, 22 August 2019

खाखी की स्तुति करें- व्यंग


मनीष दुबे: मैने कुछ भी तो नहीं किया साहब. तुम्हे भगवान का वास्ता, न न खुदा का वास्ता, खुदा नहीं तो खुद का वास्ता. कुछ भी ना सही तो तुम्हे जोगी बाबा का वास्ता. बेगुनाह हूं मैं. खाकी की स्तुति करता और करूँगा मैं. खाकी के नाम नई आरती ईजाद करूँगा. खाकी जी आपकी कसम आज तलक किसी भी लीगल हो या इल्लीगल किसी ऐसे काम मे सक्रिय नहीं रहा जिससे आपकी पुण्यात्मा को ठेस पहुची हो. साहब वो जो बलिया वाला सिंघासन चौहान है उसे फर्जी धाराओं में जेल भेजकर बिल्कुल ठीक किया आपने. आखिर फालतू में rti लगाता घूमता था. क्या फायदा मिला उसे. आखिर जेल भेज दिया आपने. बलिया का ही विपिन शर्मा झगड़ा कर लिया और देखो आपने अपने रहमो करम पे 376 लगा के जेल की हवा खिला दी. क्या मिला उसे आपसे पंगा लेके, काट आया ना जेल. गलत ही तो किया था सहारनपुर वाले आशीष धीमान ने शराब माफियाओं के खिलाफ खबर करके. बेचारा कहा जानता था की वो शराब माफिया आपकी छत्रछाया में बरकरार थे. आपने थोड़ी न मरवाया है उसे. और तो और उसकी हत्या करने के बाद शराब माफिया अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए इसमे भी कोई आपकी गलती दे तो वो महामूरख. आप खाखी तो स्तुति के काबिल है हम मूढ़ मानुष समझते ही कहां इतनी जरा सी बात. हरदोई जिले के हरपालपुर कस्बे में सुबह 6 बजे पुलिस थाने से मात्र 500 मीटर की दूरी पे विकास मिश्र चाय विक्रेता की हत्या हो जाती है पत्नी के साथ भी रेप और हत्या की कोशिस हुई बेटा जोकि 16 साल का था भागकर थाने गया उसको बोला गया यही बैठो सब सो रहे. लेकिन, लेकिन यहां ये किसी ने ध्यान नहीं दिया कि गलती आपकी कतई नहीं थी आखिर नींद भी तो जरूरी है, कितने ही नींद के अभाव में खाखी को प्यारे हो गए. कोई खाखी की नींद हराम करे तो खाख में तो मिलेगा ही साहब. आखिर कमाई और नींद दोनों जरूरी है, आप बिलकुल भी किसी का हस्तक्षेप ना होने देना दुहाई है सरकार. कल पनकी थाने की जिस शाजिया नाम की महिला ने आपकी गुंडई से त्रस्त होकर डाई पी ली और अपनी जान देने की कोशिश की उसमे भी आपका कोई कुसूर नहीं है सरकार, आखिर उसे आपसे भिड़ने की सजा तो मिलनी ही चाहिए सरकार. उसकी इतनी हिम्मत की खुद को पीटने वाली महिला सिपाही को थप्पड़ जड़ दिया. बिल्कुल ठीक किया आप लोगों ने जो उसे बीच सड़क पर सरेआम गिराकर मारा, फिर उल्टा मुकदमा भी लाद दिया उसपे. आखिर खाकी से कोई गुंडई करे तो सजा तो बनती ही है. आप भगवान सरीखे जो ठहरे, और सरीखे क्या जीवंत प्रभू ही है कलियुगी. आखिर में---- एकही बात ॐ खाखियाये नमः ॐ वर्दियाये नमः ॐ स्टाराये नमः ॐ प्रमोशनाये नमः और जो बचा हो वो भी नमो नमः

No comments:

Post a Comment