Tuesday, 20 August 2019

तेरा क्या नुकसान हैं करते धोती कच्छा या सलवार


इस धरती पर हर मौसम का, अपना ताना बाना है भांति भांति पहरावा सबका, भिन्न भिन्न पीना खाना है कभी बैठकर ठंडे दिल से, मानव यह कर सोंच विचार तेरा क्या नुकसान हैं करते, धोती कच्छा या सलवार प्रभु ने यह कहा नहीं, और किया कुछ बंद नहीं खान पान है तन की खातिर, रूह का कोई संबंध नहीं जेल जर्नलिज्म 2 से साभार

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