तब तो पीएम के इंटरव्यू में चिट्ठी भी खोल दी थी, जो प्रधानमंत्री ने पूछे जाने वाले सवाल लिखकर दिए थे। अब कौन बचाये आकर तुम्हे दीपक चौरसिया। वैसे भी इस अदद क्रांतिवीर टाइप पटरकार का कहना है ये चौरसिया है चूना लगाता है कत्था नहीं रखता।
शाहीनबाग में भी चूना लगाने गए थे। सोंचा मोदी जी खुश होंगे, शाबाशी देंगे लेकिन हुआ उल्टा आंदोलनकारियों ने भर दिया। अब भर दिया तो भर ही दिया। अंतरिक्ष मे रो, रहो किसी को क्या फर्क पड़ रहा। बाकी खेद है इस धक्कामुक्की, रेलमपेल भराई का। खैर "अंदर की बात" है...😊
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