Friday, 27 March 2020

पढ़िए: आज से शुरू हुई रामायण में क्या कुछ था खास


आज से 33 साल पहले बना रामायण सीरियल अपने आप मे टीवी दुनिया की कालजयी श्रंखला के रूप में याद रखी जाती है। जब यह सीरियल शुरू होता था तो जो जहां होता था वहीं खड़ा हो जाता था, रुक जाता था। इतना ही नहीं लोग अपने घरों के टेलीवीजन सेटों में इसके शुरू होते हो फूल माला चढ़ा देते थे। तब टीवी का प्रसार बहु कम था। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करते हुए इस धारावाहिक को पुनः प्रसारण करने की जानकारी दी है। यह फिर से दूरदर्शन पर ही प्रसारित होगा। प्रकाश जावड़ेकर ने पीएम मोदी और डीडी नेशनल को ट्वीट करते हुये लिखा है कि जनता की मांग पर कल शनिवार 28 मार्च से रामायण का पुनः प्रसारण दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर शुरू होगा। इसका पहला एपिसोड सुबह 9:00 बजे और दूसरा एपिसोड रात 9:00 बजे होगा। 29 दिसम्बर 1917 को ब्रिटिश इंडिया के लाहौर (अब पाकिस्तान) में जन्मे रामानंद सागर ने इसका निर्माण किया था। कहा जाता है कि रामानंद सागर का बचपन से ही धार्मिक किताबों में झुकाव था। उन्होंने सन 1986 में कालजयी सीरियल रामायण की शुरुआत की थी। रामायण एक बहुत ही सफल टीवी श्रंखला है। इसके निर्माण से लेकर लेखन और निर्देशन तक कि सभी जिम्मेदारी रामानंद सागर ने निभाई थी। 78 कड़ियों के इस धारावाहिक का मूल प्रसारण दूरदर्शन पर 25 जनवरी 1987 को किया गया। इस धारावाहिक का प्रसारण हफ्ते में एक दिन रविवार को सुबह 9:30 पर किया जाता था। दो साल तक इसके 78 एपिसोड आये। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी की 1995 में इसे सोनी टीवी पर तथा साल 2002 में यह स्टार उत्सव पर भी प्रसारित किया गया था। इस धारावाहिक की पूरी शूटिंग मुम्बई से चार घण्टे की दूरी पर स्थित उमरगांव में हुई थी। उमरगांव ऐसी जगह थी जहां की मार्केट में कलाकारों को चाय और ब्रेड तक नहीं मिल पाती थी। बताया जाता है कि इस सीरियल को हर सप्ताह करीब 10 करोड़ से भी अधिक लोग देखते थे। इस सीरियल के किरदारों का मेकअप, कॉस्ट्यूम और बॉडी लैंग्वेज सभी कुछ हटकर था। आम बोलचाल वाली हिंदी से अलग एकदम शुद्ध हिंदी थी। इस सीरियल में अरुण गोविल ने राम, दीपिका चिखलिया ने सीता, दारा सिंह ने हनुमान, अरविंद त्रिवेदी ने रावण, सुनील लहरी ने लक्ष्मण, बाल धुरी ने दशरथ, ललिता पवार ने मंथरा, पद्मा खन्ना ने कैकेयी, जयश्री गोडकर ने कौशल्या, व संजय जोग ने भरत की भूमिका निभाई थी। सीरियल के किरदारों की लोकप्रियता इतनी बढ़ी थी कि इन्हें देखकर लोगों का हुजूम लग जाता था। लोग इन्हें असली राम सीता समझते थे और इनके चरणों मे लोट रहते थे।

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