बताया कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने बस के अंदर सीट में बैठने वालों से 1000 से 1200 रुपये वहीं छत पर बैठने वालों से 600 से 800 रुपये किराया वसूला गया है।
ये सभी यात्री उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से चलकर लखनऊ के लिए 27 मार्च को निकले थे। ताज्जुब तो इस बात का है कि जो यात्री कुछ किलोमीटर के फासलों पर भी बस में चढ़े तो उनसे भी किराया उतना ही लिया गया जितना बैठने वालों से गाजियाबाद में तय किया गया था। लॉकडाउन में तेल, सब्जी, दाल, चीनी के बाद अब सीट और टिकटें भी दूने तीने रेट पर बिकनी खरीदनी लगी हैं। मजदूर, गरीब लूटा जा रहा है, जिन्हें बचाना या मदद करनी चाहिए वो रामायण का प्रसारण करवा कर फुल साइज एलसीडी में हाथ जोड़े बैठे हैं।
Sunday, 29 March 2020
कोरोना लॉकडाउन : गाजियाबाद से चलकर लखनऊ 120 सवारी से भरी बस किराया 1200 छत में सीट 800
बताया कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने बस के अंदर सीट में बैठने वालों से 1000 से 1200 रुपये वहीं छत पर बैठने वालों से 600 से 800 रुपये किराया वसूला गया है।
ये सभी यात्री उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से चलकर लखनऊ के लिए 27 मार्च को निकले थे। ताज्जुब तो इस बात का है कि जो यात्री कुछ किलोमीटर के फासलों पर भी बस में चढ़े तो उनसे भी किराया उतना ही लिया गया जितना बैठने वालों से गाजियाबाद में तय किया गया था। लॉकडाउन में तेल, सब्जी, दाल, चीनी के बाद अब सीट और टिकटें भी दूने तीने रेट पर बिकनी खरीदनी लगी हैं। मजदूर, गरीब लूटा जा रहा है, जिन्हें बचाना या मदद करनी चाहिए वो रामायण का प्रसारण करवा कर फुल साइज एलसीडी में हाथ जोड़े बैठे हैं।
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