Friday, 8 April 2022

कानपुर में होजरी व्यापारी की पीटकर हत्या, पुलिस ने दिखाया गुडवर्क तो लोग बोले सच कुछ और है..

Kanpur : कानपुर में एक व्यापारी की निर्ममता से पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्यारे को हिरासत में लेकर अपना गुडवर्क भी दिखा दिया। लेकिन दूसरी तरफ मारे गये व्यापारी के समर्थन में अन्य व्यापारी लामबंद हैं और न्याय के लिए कमिश्नर ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। आपको लग रहा होगा की मामला तो सुलट गया तो बता दें कि मामला सुलटा नहीं बल्कि पहले की तरह अब भी उतना ही पेचीदा बना हुआ है, जैसा सालों से चलता आ रहा है। दरअसल कानपुर के सीसामऊ में बुधवार को एक ठेली दुकानदार ने एक होजरी व्यवसायी की पीटकर महज इसलिए हत्या कर दी क्योंकि व्यवसायी ने उसे अपनी दुकान के बाहर से ठेली हटाने को कह दिया था। जिसके बाद गुस्साए ठेली दुकानदार ने डंडे से व्यापारी के सिर पर लगातार कई वार किए। लहूलुहान व्यापारी को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया, जहां गुरूवार 7 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक काकादेव के हितकारी नगर निवासी 53 वर्षीय मनोज निगम की सीसामऊ बाजार में होजरी की पुरानी दुकान है। दुकान पर मनोज अपने बड़े भाई राजेंद्र के साथ बैठते थे। पुलिस को दिए अपने बयान में राजेंद्र ने बताया कि दुकान के सामने अक्सर कुछ फेरीवाले अपना-अपना ठेला लगाकर खड़े हो जाते हैं। इधर कुछ दिनों से राहुल कठेरिया पुत्र रामनाथ, निवासी 108/108 पी-रोड थाना बजरिया नाम का एक फेरी दुकानदार मना करने के बावजूद जबरन दुकान के सामने ठेली लगाकर खड़ा हो जाता था। बुधवार 6 अप्रैल को दुकान के सामने ठेली लगाए राहुल को मनोज ने टोका। जिसपर वह हटने की बजाए गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद वह भागकर अपनी ठेली से एक डंडा निकाल लाया और मनोज के सिर पर एक के बाद एक कई वार कर दिए। मनोज लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गये। मौके पर पहुँची पुलिस ने मनोज को अस्पताल भिजवाकर ठेली दुकानदार राहुल को हिरासत में ले लिया। वहीं, गुरूवार 7 अप्रैल को व्यवसायी मनोज निगम की इलाज के दौरान मौत हो गई। थाना प्रभारी सीसामऊ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि व्यापारी की मौत के बाद हत्या की धारा में मुकदमा तरमीम कर दिया गया है। हत्यारोपी मूलरूप से रसूलाबाद का रहने वाला है। जिसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर एफआईआर संख्या 30/2022 के तहत धारा 302/504/506 व 323 में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस के गुडवर्क पर व्यापारियों ने क्या कहा? इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर पुलिस ने अपने प्रेस नोट में जो बयान दिया है उस मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद व्यापारियों ने उनकी प्रशंसा की है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ व्यापारी आज कमिश्नर ऑफिस गये थे। व्यापारियों का कहना है कि मौके पर जमा कुछ लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा था तो ये गुडवर्क कैसे हो गया। पुलिस अगर इस मामले में पहले ही ध्यान दे देती तो आज इस तरह का कांड न हुआ होता। मसला पुराना है कानपुर की सीसामऊ बाजार को अस्तित्व में आए दशकों का समय बीत चुका है। यहां की मार्केट में बनी गोपाला टाकीज अब बंद हो चुकी है। यह बाजार शहर के सबसे व्यस्ततम मार्केट में शुमार है। यहां जितनी दुकाने हैं उससे अधिक दुकानों के बाहर फेरीवाले अवैध रूप से कब्जा जमाए रहते हैं। जिसे लेकर यहां के दुकानदार पुलिस से कई मर्तबा गुहार लगा चुके हैं, बशर्ते उनके कभी सुनवाई नहीं की गई। व्यापारियों ने हमें बताया कि मार्केट की जो हालत आज दिख रही वह पुलिस के हस्तक्षेप से पहले भी हो सकती थी। क्या मानसिक दबाव बनाने के लिए हुई हत्या? सीसामऊ बाजार के व्यापारियों का कहना है कि इस हत्या के बाद फेरी दुकानदारों के हौंसले बुलंद हो गये हैं। हमारे बीच के एक साथी की निर्ममता से हत्या कर साफ संदेश देने की कोशिश की गई है कि यदि आगे से फेरी दुकानदारों को हटाने की बाबत कहा गया तो अंजाम वही होगा जो होजरी व्यवसायी मनोज निगम का हुआ है। यहां के स्थानीय व्यापारी इसी समस्या को लेकर आज कमिश्नर ऑफिस गये थे, लेकिन कमिश्नरी में किसी सरकारी मीटिंग के चलते कमिश्नर से मुलाकात नहीं हो सकी है। मृतक के परिवार का क्या कहना है? मनोज के घर में पत्नी मीनू, एक बेटा सत्यम और बड़ी बेटी श्वेता है। सत्यम का रो-रोकर बुरा हाल है। आंसू पोछते हुए सत्यम हर किसी से बस एक ही सवाल करता है कि उसके पापा का क्या गुनाह था जो उन्हें इतनी बेरहमी से पीटकर मार डाला गया? परिवार की हालत देख ढ़ांढस बंधाने वालों की भी आंखें गीली हो जाती हैं। लेकिन अब सत्यम को खुद ही यह समझना होगा कि उसके पापा वापस नहीं आ सकते।

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