Thursday, 7 July 2011

आजाद के गौरी ने हडपे मेरे 35 ,००० रुपये

इस बात को शायद मै कहता नहीं , या कह न पाता ! पर इन दिनों थोडा परेशानी में हूँ , इस कारण दिल की टीस उभर कर जुबान पर आ गई ! और भड़ास जैसा माध्यम हो , जिसने सबको  अपनी बात रखने का जरिया और प्लेटफ़ॉर्म इजाद किया है काबिले तारीफ़ है  !
इस घटनाक्रम को हुए अभी जादा दिन नहीं बीते हैं ! और मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ आज भी अगर आप गौरी के सामने मेरा नाम ले देंगे , तो हो सकता है की उनके सरीर के एक - एक रोंये पर सिहरन मच उठेगी !
पत्रकारिता करने का नया - नया उन्माद चढ़ा था उन दिनों , गौरी के अनुसार जादा दाँवपेंच मालूम नहीं थे मीडिया के बारे में  मुझें ! उत्तर - प्रदेश के सहर कानपूर का निवासी हूँ ! जैन टी वी में रिपोर्टिंग करने के बाद काम न होने की कमी से बेरोजगारी काट रहा था ! तभी मेरे एक सहयोगी ( जो की काफी सरल और सच्चे व्यक्तित्व के इंसान है ) स्वप्निल शुक्ल जी के माध्यम से आजाद न्यूज़ के कमलकांत गौरी से संपर्क हुआ , धीरे - धीरे बात चीत का दौर सुरु हुआ ! इन्होने मुझे लछेदार बातों में कैच कर लिया ! फिर कैश कर भी  लिया ! बात जनवरी में पहले सप्ताह की है ! मै और मेरे सहयोगी स्वप्निल शुक्ल जी  जनवरी की उस ठण्ड में नॉएडा पहुँच गए ! इन्होने मुझसे कानपूर में बतौर रिपोर्टर नियुक्त करने के एवज में मुझसे 35 ,000 रुपये की मेरे लायक मोटी रकम मुझसे ऐंठ ली ! मैंने 35 ,000 रुपये सीधे तौर पर आजाद न्यूज़ के सेक्टर 5 स्थित कमलकांत गौरी के केबिन में उनके हांथो में दिया था ! उस समय कमलकांत के कथित सहयोगी दीपक मेहरा भी वहा मौजूद थे !
गौरी साहब मुझे आज भी आपसे कोई गिला , सिकवा नहीं है ! क्योकि शायद मेरी ही गलती थी जो मै आपके जाल में आ गया ! पर आज वाकई मेरी स्थिति ख़राब है ! पर हाँ यहाँ एक बात जरूर कहना चाहूँगा गौरी साहब मेरा हौसला अभी टूटा नहीं है , वो पत्रकारिता का उन्मादी बुखार आज भी अंगड़ाई ले रहा है मेरे अन्दर ! और एक बात आपकी जानकारी के लिए पिछले २ महीने से दिल्ली में हूँ , एक अखबार में काम कर रहा हूँ ! आगे आने की इच्छा सक्ती भी है हौसला भी है ! बस रहने के लिए रूम नहीं है ,खाने पीने का भी कोई उचित साधन भी जैसे तैसे जुटाना पड़ रहा है ! धीरे धीरे सरे पैसे भी ख़तम हो चुके हैं ! तब मेरे मन में ख्याल आया की अगर आप न मिले होते मुझे मेरे करिएर में ! गौरी साहब आप जैसे लोग ही मीडिया का चेहरा भयावह कर देते है !, किसी को आगे पुश नहीं कर सकते तो , काम से काम उसका शोषण तो मत करो यार ! कितने दिन ऐश करी होगी अपने उन रुपयों से ! और कितने मुर्गे फंसते होगे ! ये मत किया करो यार ऊपर भगवान् नाम की भी कोई चीज़ है की नहीं ! आप तो अपने एयर कंडीसन  कैबने में 1 , 2  घंटे काम करते हो हो बड़ी जगह बैठ के मजे करते हो , मुझसे पूछो कैसे क्या अरेंज मेंट करता  हूँ या करूँगा !
 डीअर  यशवंत सर , अनिल जी मै इस मेल के साथ गौरी के द्वारा दिए गए प्रेस कार्ड की कॉपी आपको सेंड कर रहा हूँ , अथोरिटी लैटर तो मेरे पास मौजूद नहीं रहा ! और एक गुजारिश है इसे अगर हो सके तो अपने पोर्टल पर प्रकाशित जरूर कर दीजियेगा , आपका आभार होगा मुझपे ! मनीष दुबे - नई दिल्ली  , 08130073382  ईमेल - mkkumar893 @gmail .com
 

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