Tuesday, 30 July 2013

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्तिकी जांच


NEWS WAR | नई दिल्ली
मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्तिका केस अभी बंद नहीं होगा। मीडिया में खबर लीक होने के बाद राजनीतिक विवाद से बचने के लिए सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा ने आगे और जांच के निर्देश के साथ फाइल वापस लौटा दी है। इस संबंध में पूछे जाने पर रंजीत सिन्हा ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। गौरतलब है मुलायम सिंह एवं उनके दोनों बेटों के खिलाफ आय से अधिक संपत्तिकी जांच करने वाले अधिकारी ने केस बंद करने की सिफारिश के साथ 18 जुलाई दिन गुरुवार को फाइल अपने डीआइजी को भेज दी थी। इसके अगले ही दिन यानी शुक्त्रवार को डीआइजी ने जांच अधिकारी के फैसले पर मुहर लगाते हुए फाइल संयुक्त निदेशक के पास भेज दी। संयुक्त निदेशक इस पर कोई फैसला ले पाते, इसके पहले ही दैनिक जागरण ने 20 जुलाई को मुलायम पर मेहरबानी की तैयारी की खबर में इस बारे में विस्तार से जानकारी दे दी। खबर लीक होने के बाद मचे राजनीतिक घमासान के बाद रंजीत सिन्हा ने इस बारे में आगे जांच का आदेश दिया। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पिछले हफ्ते मुलायम की फाइल सीबीआइ निदेशक के पास अंतिम फैसले के लिए पहुंची थी। शनिवार को रंजीत सिन्हा ने कुछ बिंदुओं की आगे जांच का निर्देश देते हुए फाइल वापस जांच अधिकारी को लौटा दी। प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इसे खाद्य सुरक्षा विधेयक संसद में पास कराने के लिए केंद्र सरकार और मुलायम सिंह के बीच हुई डील का हिस्सा होने का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि इस विवाद के चलते राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर फैसले को सीबीआइ निदेशक ने टाल दिया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारी द्वारा तैयार 132 पृष्ठों की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट में मुलायम सिंह, उनके पुत्र अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्तिका केस नहीं बनने की बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अखिलेश यादव की पत्‍‌नी एवं सांसद डिंपल यादव की संपत्तिको सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच के दायरे से बाहर करने और मुलायम सिंह यादव के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा उपलब्ध कराए गए नए तथ्यों के बाद आय से अधिक संपत्तिका केस नहीं बनता।

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