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-सीबीएसई की तर्ज पर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी
-शासन को प्रस्ताव जल्द, बंद नहीं होंगे ऑफलाइन आवेदन
वरिष्ठ संवाददाता, इलाहाबाद : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) भी नए शैक्षिक सत्र 2012-13 से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी में है। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। हालांकि, ऑफलाइन आवेदन को खत्म नहीं किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आवेदनपत्रों का फर्जीवाड़ा रोकने और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल व पारदर्शी बनाने के लिए नए शैक्षिक सत्र से ऑनलाइन आवेदन की कवायद शुरू कर दी है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक इस कवायद का मकसद नकल माफियाओं द्वारा पिछले दरवाजे से आवेदनपत्रों की इंट्री को रोकना व आवेदनपत्रों की डाटा फीडिंग में आ रही बड़ी मात्रा में गलतियों को कम करना है। शुरुआती दौर में यूपी बोर्ड यह योजना सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत जिलों में प्रयोग के तौर पर लागू करेगा। बाद में इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू कर दिया जाएगा। इस बार भी अन्य वर्षो की भांति हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जुलाई 2012 के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अगस्त 2012 तक चलेगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया विद्यालय स्तर पर संपन्न कराई जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक वासुदेव यादव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन ऐच्छिक होगा। यदि कोई परीक्षार्थी ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहता है, तो वह ऑफलाइन आवेदन कर सकेगा।
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क्या होगा फायदा
ऑनलाइन आवेदन से पेपर की बचत तो होगी। साथ ही साथ धन की भी बचत होगी। इससे गलतियां भी कम होंगी। बोर्ड को डाटा फीडिंग के काम के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। ऑनलाइन डाटा मिलने के बाद आवेदन की अंतिम तिथि के बाद आवेदन पत्रों की बैकगेट से इंट्री बंद हो जाएगी। इससे आवेदन की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
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आसान नहीं है राह
यूपी बोर्ड आवेदन प्रक्रिया को बेशक ऑनलाइन करने की तरफ कदम बढ़ा रहा है, पर इस राह की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। सबसे बड़ी मुश्किलें हैं ऐसे विद्यालय, जहां कम्प्यूटर नहीं उपलब्ध हैं। ऐसे विद्यालय डाटा फीडिंग का काम कैसे करेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को नकल माफिया भी हतोत्साहित करने का प्रयास करेंगे। इससे साइबर कैफे के ऊपर निर्भरता बढ़ेगी।
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