कल पास के चौराहे पर एक छोटे बच्चे को देखा ! उसकी उम्र कोई ढाई से तीन साल रही होगी ! गजब का टैलेंट था उसमे ! क्या तरीका था उसका किसी से कुछ मांगने का ! पहले दोनों हाथ विपरीत दिशा में फैलाकर किसी को रोकता , हाथ जोड़कर उसे नमस्कार करता, फिर कटोरा आगे कर लेता ! पर सब कुछ मौन रहकर ! अनाथ नहीं था वो ! उसकी माँ और दो बड़ी बहने एक खम्बे के पीछे से उसकी निगेबानी कर रही थी ! दिल ने भी कुछ सुकून की सांसे ली की चलो जिसे अपनी मात्र भाषा का ककहरा आता न आता हो उसे उसके माँ बाप ने किसी से कुछ लेने के मामले में इंजीनियरिंग की डिग्री दे डाली है !
Tuesday, 9 April 2019
भीख मांगने की कला में बी टेक
कल पास के चौराहे पर एक छोटे बच्चे को देखा ! उसकी उम्र कोई ढाई से तीन साल रही होगी ! गजब का टैलेंट था उसमे ! क्या तरीका था उसका किसी से कुछ मांगने का ! पहले दोनों हाथ विपरीत दिशा में फैलाकर किसी को रोकता , हाथ जोड़कर उसे नमस्कार करता, फिर कटोरा आगे कर लेता ! पर सब कुछ मौन रहकर ! अनाथ नहीं था वो ! उसकी माँ और दो बड़ी बहने एक खम्बे के पीछे से उसकी निगेबानी कर रही थी ! दिल ने भी कुछ सुकून की सांसे ली की चलो जिसे अपनी मात्र भाषा का ककहरा आता न आता हो उसे उसके माँ बाप ने किसी से कुछ लेने के मामले में इंजीनियरिंग की डिग्री दे डाली है !
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